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*बाल संरक्षण को मिलेगी नई दिशा, भोपाल में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में शामिल होंगे सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष*

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*बाल संरक्षण को मिलेगी नई दिशा, भोपाल में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में शामिल होंगे सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष*
*मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जारी किए निर्देश, सभी कलेक्टरों से उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा*

खंडवा
प्रदेश में बाल संरक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने महत्वपूर्ण पहल की है। आयोग ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पत्र जारी कर 17 जुलाई को भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित जिलों की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्षों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
इस क्रम में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति खंडवा के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा भी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में भाग लेंगे। प्रशिक्षण का आयोजन एमपी काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी), विज्ञान भवन, भोपाल में किया जाएगा।
कार्यशाला में पॉक्सो अधिनियम-2012 तथा किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015 के प्रभावी क्रियान्वयन में बाल कल्याण समितियों की भूमिका, बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा, संवेदनशील प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राज्य स्तर पर अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा।
अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने बताया कि राज्य स्तरीय प्रशिक्षण से प्राप्त नवीन कानूनी जानकारी, आयोग के दिशा-निर्देश एवं व्यावहारिक अनुभवों का उपयोग खंडवा जिले में बाल संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में किया जाएगा। इससे देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों के मामलों में गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
आयोग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के सभी जिलों के बाल कल्याण समिति अध्यक्षों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि बाल अधिकारों के संरक्षण एवं कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरे प्रदेश में एकरूपता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

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