
30 वर्षीय भरत भूषण तिवारी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने से ठीक पहले फेसबुक लाइव (Facebook Live) किया था। लाइव वीडियो में उसने अपनी पिस्तौल फेंककर सरेंडर करने की बात कही थी।
मुठभेड़ और मौत: फेसबुक लाइव बंद होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का दावा था कि आरोपी ने हथियार फेंकने के बाद दोबारा उठाकर फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी। हालांकि, इलाज के दौरान पटना के अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
फर्जी एनकाउंटर के आरोप: मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों ने इसे “फेक एनकाउंटर” करार दिया है। डॉक्टरों के मुताबिक उसे करीब 5 गोलियां लगी थीं और सरेंडर के बाद भी गोली मारे जाने के कारण बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।













