
नर्स दिवस पर विशेष
माता-पिता की भांति मरीजों की 8 घंटे तक लगातार नर्से सिस्टरै करती है सेवा।
खंडवा। माता-पिता की भांति एक नर्स सिस्टर अस्पताल मे उपचारार्थ मरीज की सेवा और देखरेख करती है। जिस प्रकार डॉक्टर गण मरीजौ को बचाने एवं बीमारियों को दूर करने के पूरे प्रयास करते है, उसी के अनुरूप अस्पतालों में कार्यरत सिस्टरै भी 8 घंटे ड्यूटी देकर मरीजों की सेवा में लगी रहती है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस हर साल 12 मई को मनाया जाता है। यह दिन आधुनिक नर्सिंग की संस्थापक ‘फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ की जयंती और चिकित्सा क्षेत्र में नर्सों के अमूल्य योगदान को सम्मानित करने, उनके अथक परिश्रम की सराहना करने और मानवता के प्रति उनके समर्पण को मान्यता देने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सुनील जैन ने बताया कि खंडवा जिला अस्पताल में एक-एक वार्ड में 20 से 25 मरीज के बीच मात्र दो या तीन सिस्टर उपस्थित मरीजों की सेवा करती है। वार्ड के साथी जिला अस्पताल में वर्षों से बीपी और शुगर की जांच के लिए बने कक्ष में दो या तीन सिस्टर नमिता डेविड, रिंकी गावडे, डॉ. सरिता शर्मा, नीलोफर शाह मिलकर प्रतिदिन 150 से 200 मरीज की बीपी और शुगर की जांच कर रिपोर्ट देती है। जिला अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क है और कई मरीजों के कार्ड भी बने हैं जिसके माध्यम से वे अस्पताल पहुंचकर बीपी शुगर की जांच करवाते हैं।







