
बदायूँ जिले के विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत गुरगांव में इन दिनों गली निर्माण कार्य को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, रामचरन के घर से लेकर सेवाराम के घर तक इंटरलॉकिंग द्वारा गली का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य ग्रामीणों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था, लेकिन अब इसी निर्माण कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा पुराने खड़ंजे की ईंटों को नियमानुसार पुनः उपयोग या सुरक्षित रखने के बजाय अपने निजी कार्यों में इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि इन ईंटों को प्रधान अपने खेत में डलवा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सीधा-सीधा नियमों का उल्लंघन है और सार्वजनिक संसाधनों की हेराफेरी का मामला है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जब ग्रामीणों को इस कथित गड़बड़ी की जानकारी हुई तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर इसका विरोध किया और निर्माण कार्य में पारदर्शिता की मांग की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई गई तो विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन और संसाधनों की लूट जारी रहेगी। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो वे उच्च अधिकारियों तक शिकायत ले जाने के लिए मजबूर होंगे।
इस संबंध में जब खंड विकास अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन कॉल नहीं उठाई, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों की चुप्पी इस पूरे मामले को और संदिग्ध बना रही है।
इस मौके पर संजीव कुमार, सूरजपाल, नरविंदर सिंह, नरेश चंद्र, नन्द लाल साहू, साहव सिंह, राजा बाबू, राधेश्याम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे और उन्होंने एकजुट होकर इस मामले की जांच की मांग की।











