
ओंकारेश्वर में 5 दिवसीय “एकात्म पर्व” संपन्न
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ओंकारेश्वर अद्वैत दर्शन का विश्व स्तरीय केंद्र बनेगा-संस्कृति मंत्री श्री लोधी
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खण्डवा//आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आदिगुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव वैशाख शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित “एकात्म धाम” में “एकात्म पर्व” का पंच दिवसीय भव्य आयोजन मंगलवार को संपन्न हो गया। समापन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, चिन्मय मिशन के स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती, प्रदेश के पर्यटन एवं
संस्कृति विभाग के मंत्री तथा खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्वामी पुन्यानंद गिरी महाराज वाराणसी, श्री मां पूर्णप्रज्ञा, महंत मंगलदास त्यागी स्वयं प्रकाशानंद गिरि महाराज एवं गुजरात के शिक्षाविद श्री गौतम भाई पटेल सहित विभिन्न सतंजन मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने जगतगुरु आदिशंकराचार्य के चित्र पर पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में गुजरात के शिक्षाविद श्री गौतम भाई पटेल और चिन्मय मिशन के स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती को “शंकर अलंकरण” सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने कहा कि ओंकारेश्वर में लगभग 2400 करोड रुपए लागत से “अद्वैत लोक” का निर्माण शुरू हो चुका है। ओंकारेश्वर एकात्मकता के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आदि शंकराचार्य के जन्म स्थान कालड़ी, केरल से केदारनाथ तक “एकात्मक यात्रा” आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि ओंकार पर्वत पर 38 हेक्टेयर क्षेत्र में 40 हजार पौधे लगाकर “अद्वैत वन” विकसित किया जा रहा है ।
प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि अद्वैत लोक में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, जिसमें आदि शंकराचार्य रचित प्राचीन ग्रंथों की डिजिटल पांडुलिपि उपलब्ध रहेगी। ओंकारेश्वर में लेजर एंड साउंड शो शुरू किया जाएगा, जिसमें संध्या काल में नर्मदा तट पर आदिशंकराचार्य के जीवन दर्शन पर केंद्रित जानकारी श्रद्धालुओं को दी जाएगी।
प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि ओंकारेश्वर में मांधाता पर्वत पर बनने वाले अद्वैत लोक में ध्यान और साधना का केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। अद्वैत लोक में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चित्रकला, मूर्ति कला और संगीत पर आधारित कार्यशालाएं आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि ओंकारेश्वर आने वाले श्रद्धालु यहां से “एकात्मक का ज्ञान” लेकर जाएंगे। प्रभारी मंत्री श्री लोधी ने इस अवसर पर कहा कि आदि शंकराचार्य के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि एकात्मक पर्व आयोजन का उद्देश्य यह है कि जगतगुरु आदिशंकराचार्य की शिक्षाएं और उपदेश घर-घर तक पहुंचे।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए श्री स्वामी अवधेशानंद जी गिरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का भी आभार प्रकट किया, जिन्होंने ओंकारेश्वर में एकात्म धाम की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार “एकात्म धाम” और “अद्वैत लोक” की स्थापना के लिए बधाई की पात्र है। कार्यक्रम के अंत में स्वामी अवधेशानंद गिरि ने उपस्थित गणमान्य नागरिकों को “एकात्मता का संकल्प” भी दिलाया।







