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उचित की मूल्य दुकान पर भी करा सकते हैं हितग्राही अपना “ई-केवायसी”

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उचित की मूल्य दुकान पर भी करा सकते हैं हितग्राही अपना “ई-केवायसी”

खण्डवा//”प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना” के तहत प्रदेश की लगभग 5.37 करोड़ अबादी को प्रतिमाह निःशुल्क खा‌द्यान्न का वितरण किया जा रहा है। इसमें अंत्योदय अन्न योजना में 35 किलोग्राम प्रति परिवार एवं प्राथमिकता श्रेणी के परिवारों को 5 किलोग्राम प्रति सदस्य खाद्यान्न दिया जा रहा है। पात्रता पर्चीधारक प्रत्येक परिवार को राशन दुकान से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
पात्र परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा “वन नेशन-वन राशन कार्ड” अन्तर्गत प्रदेश एवं देश की किसी भी उचित मूल्य दुकान से बायोमेट्रिक सत्यापन या ओटीपी के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त किया जा सकता है। प्रदेश के 15 लाख से अधिक पात्र परिवारों द्वारा पोर्टेबिलिटी से अपनी सुविधा अनुसार अन्य दुकान से प्रतिमाह राशन प्राप्त किया जा रहा है। पात्र परिवारों को पूरे माह उचित मूल्य दुकान से राशन का वितरण किया जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा पात्र परिवारों की पहचान सुनिश्चित करने एवं वास्तविक गरीब परिवारों को निःशुल्क खा‌द्यान्न वितरण करने तथा अपात्र एवं एक से अधिक बार नाम वाले हितग्राहियों को हटाकर नवीन हितग्राहियों को लाभांवित करने के लिये ई-केवायसी करवाना अनिवार्य किया गया है। इसमें 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोडकर, पात्र हितग्राहियों के ई-केवायसी उचित मूल्य दुकान पर लगाई गई पीओएस मशीन के साथ ही भारत सरकार के मेरा ई-केवायसी मोबाईल ऐप से हितग्राही के फेस अथेंटिकेशन द्वारा किया जा सकता है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के अंतर्गत सम्मिलित 29 पात्रता श्रेणी के अंतर्गत नवीन हितग्राहियों को जोड़ने की कार्यवाही नियमित रूप से की जा रही है। इन नवीन आवेदकों द्वारा पीओएस मशीन या फेस अथेंटिकेशन से ई-केवायसी के बाद 3 दिवस की अवधि में पात्रता पर्ची जारी करने की व्यवस्था की गई है। विगत एक वर्ष में लगभग 20 लाख नवीन हिग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी की गई है। हितग्राही द्वारा ई-केवायसी कराने के बाद पात्रता पर्ची जारी की जा रही है। किसी भी पात्रता पर्चीधारी परिवार का राशन रोकने की शिकायत पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिये गए हैं।
पात्रता पर्ची के लिये आवेदनकर्ताओं को ई-केवायसी करने के लिए एस एम एस के साथ ही उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं एवं स्थानीय निकाय के माध्यम से भी सूचित किया जा रहा है.

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