
#सफलता_की_कहानी
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जिला अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिलने से दीपाली हुई स्वस्थ
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जिले के मोहद गांव की निवासी 22 वर्षीय दीपाली पिता कालू सिंह पिछले कुछ महीने से एक गंभीर शारीरिक समस्या से जूझ रही थीं। हर माह अत्यधिक ब्लीडिंग होने से वह बहुत कमजोर हो गई थी। दीपाली जब जिला चिकित्सालय सह शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय खंडवा में उपचार के लिए आई थी, तो उसकी स्थिति अन्यंत गंभीर थी। अस्पताल में दीपाली का इलाज स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. लक्ष्मी डूडवे की देखरेख में शुरू हुआ। उसकी सभी स्वास्थ्य जांच कराई गईं, तो पता चला कि हीमोग्लोबिन का स्तर मात्र 2.8 ग्राम रह गया है। इसे मेडिकल की भाषा में सीवियर एनीमिया कहा जाता है। दीपाली का शरीर पीला पड़ चुका था और कमजोरी के कारण चलना फिरना भी मुश्किल हो रहा था।
डॉ. लक्ष्मी डूडवे एवं डॉ. कमल छाबड़ा ने त्वरित निर्णय लेकर दीपाली को एच.डी.यू. इकाई में भर्ती कराया। दीपाली की जान बचाने के लिए अस्पताल में उसे लगातार खून चढ़ाया गया। गहन उपचार और 6 बोतल खून चढ़ने के बाद दीपाली के स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार होने लगा। दीपाली कहती है कि अस्पताल में डॉक्टर्स की देखरेख में बेहतर इलाज से, मानो उसका पुनर्जन्म हुआ है, क्योंकि उसने तो बचने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। दीपाली को बुधवार को जब जिला अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया, तो वह और उसके परिवारजन बहुत खुश थे। दीपाली ने डॉ. लक्ष्मी डूडवे एवं डॉ. कमल छाबड़ा सहित उसका इलाज करने वाले सभी डॉक्टर्स व स्टाफ का आभार व्यक्त किया और सभी के व्यवहार की सराहना की।












