
बृहद जनकल्याणकारी एवं विशाल मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया
मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन डिंडौरी द्वारा जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार हेतु बृहद जनकल्याणकारी एवं विशाल मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।
इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जिले के सुदूर अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदाय के नागरिकों — जैसे बैगा, गोंड, भरिया एवं सहरिया जनजातियों — को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान करना था।
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत बरगांव, विकासखंड शहपुरा में विशाल स्वास्थ्य एवं दिव्यांग जन शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह पहला अवसर था जब जिले में इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य एवं दिव्यांग जन शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में जबलपुर रीवा, शहडोल मेडिकल कॉलेज, तथा आयुष विभाग के डॉक्टरों सहित कुल 500 से अधिक चिकित्सकों ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।
साथ ही आयुष विभाग के अंतर्गत —आयुर्वेद शाखा में 1,285 रोगियों,होम्योपैथिक शाखा में 553 रोगियों, यूनानी शाखा में 357 रोगियों का उपचार किया गया। इस प्रकार कुल 2,195 रोगियों को आयुष चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की गईं।
शिविर में 60 पंजीयन काउंटर स्थापित किए गए थे, जहाँ प्रत्येक नागरिक का पंजीकरण कर उसकी स्वास्थ्य समस्या के अनुसार संबंधित चिकित्सा काउंटर पर भेजा गया।
जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को शिविर स्थल तक पहुँचाने हेतु 20 बसों एवं 100 तूफान वाहनों की व्यवस्था की गई, जिससे ग्रामीणों को निःशुल्क परिवहन सुविधा प्राप्त हुई।
प्रशासन द्वारा गत 15 दिनों में जनपद स्तर पर आयोजित दिव्यांग शिविरों के माध्यम से चिन्हित दिव्यांगजनों को इस मेगा स्वास्थ्य शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र एवं किट उपकरणों का वितरण किया गया।
साथ ही मोबाइल दिव्यांग कोर्ट के माध्यम से दिव्यांग जनों के क्लेम एवं आवेदन का निराकरण भी शिविर स्थल पर ही किया गया।
जनजातीय वर्ग के हित में आधार एवं समग्र ई-केवाईसी पंजीयन के लिए भी विशेष सेवा शिविरों का आयोजन किया गया। दूरस्थ ग्रामों से आए हितग्राहियों के लिए भोजन एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई थी।
इस शिविर में प्रशासन ने सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए “स्वस्थ जनजाति – समृद्ध प्रदेश” के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की।
शिविर में लगभग 9,000 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 7,300 लोगों ने स्वास्थ्य परीक्षण करवाया तथा 482 दिव्यांगजन ने पंजीकरण कर 1,816 सहायक उपकरण प्राप्त किए।
जिला प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, विद्युत विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जिला शिक्षा विभाग, खाद्य विभाग, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, आयुष विभाग, उद्योग विभाग, नगर परिषद, जनअभियान परिषद, नेहरू युवा केंद्र, खेल विभाग, श्रम विभाग एवं राजस्व विभाग सहित कई विभागों ने सहभागिता की।
विभागो द्वारा प्रदर्शनी लगाकर ससकिया योजनाओं का सीधा लाभ आम जनता को पहुंचाया।
इसके पूर्व जिला प्रशासन द्वारा सात विकासखंड स्तर पर पहले स्वास्थ्य एवं दिव्यांग शिविर आयोजित किए गए थे, जिनसे चिन्हित दिव्यांगजनों को आज इस वृहद शिविर में सहायक उपकरण वितरित किए गए।
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा विशेष रूप से मानव जनितरोग, सामान्य चिकित्सा, नेत्र, दंत, बाल रोग, स्त्री रोग, अस्थि रोग, त्वचा रोग, हृदय रोग एवं मस्तिष्क रोग आदि के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा शिविर में उपस्थित सभी हितग्राहियों का ब्लड टेस्ट, नाक-कान-गला परीक्षण, सिकल सेल, एनीमिया एवं हेपेटाइटिस की जाँच की गई और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क दवाएँ वितरित की गईं।
शिविर में अस्थायी रूप से एक्स-रे मशीन, सोनोग्राफी कक्ष, पैथोलॉजी, फिजियोथैरेपी एवं सर्जरी कक्ष की व्यवस्था की गई थी, जहाँ सभी प्रकार की चिकित्सीय सेवाएँ उपलब्ध रहीं।
शिविर में आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक उपचार की भी विशेष व्यवस्था की गई।
इस आयोजन में नरसिंहपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट एवं जबलपुर जिलों से चिकित्सकों की टीमें पहुँचीं। जिसमे गोल्डन हॉस्पिटल जबलपुर, जबलपुर हॉस्पिटल , गैलेक्सी हॉस्पिटल, नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल कॉलेज, ओमेगा हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल, एसएमसीएस जबलपुर एवं आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी जबलपुर के चिकित्सकों सहित कुल 252 डॉक्टर एवं 714 पैरामेडिकल स्टाफ, एएनएम, सीएचओ, स्टाफ नर्स एवं नर्सिंग ऑफिसर ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं।
इस विशाल आयोजन में लगभग 11,380 आम जनता एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था की गई थी।
इसी गौरव दिवस के उपलक्ष्य में विधायक साहपुरा श्री ओमप्रकाश धुर्वे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रुद्रेश परस्ते, जिला अध्यक्ष श्री चमरू सिंह नेताम के द्वारा नाबालिग दिव्यांगजनों के लिए शासन की विशेष योजना के अंतर्गत ₹4,000 मासिक सहायता राशि देने हेतु 40% से अधिक वाले दिव्यांगो को विकलांग प्रमाण पत्र, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र एवं अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। जो उनकी शिक्षा एवं व्यक्तिगत आवश्यकताओं के लिए 18 वर्ष की आयु तक देय होंगे।
जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को नमन करते हुए जनजातीय समाज की संस्कृति, उनके संघर्ष और स्वास्थ्य जागरूकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, नुक्कड़ नाटक एवं नाटिकाएँ प्रस्तुत की गईं। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “नशा मुक्ति” एवं “मोबाइल की लत से मुक्ति” जैसे सामाजिक संदेशों पर आधारित नाटक दिशा पैसिफिक स्कूल समनापुर के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
उक्त शिविर में डॉक्टर अजय खेमरिया निशक्तजन आयुक्त, श्री संदीप रजक पूर्व निशक्त जन आयुक्त , श्री विक्रम सिंह प्रकल्प सदस्य जनजातीय कल्याण विभाग, श्रीमती आरती खरे उपशंचालक निशक्त जन भोपाल , पुलिस अधीक्षक श्रीमती वाहिनी सिंह, सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी,एसडीएम शहपुरा श्री ऐश्वर्या वर्मा, सामाजिक न्याय विभाग श्री श्याम सिंगोर श्री मनोहर साहू अध्यक्ष, सचिव अनिल वाजपेई, सहित समस्त विभागो के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।








