
मेरठ में प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि 2024-25 का बजट लागू हो चुका है। सभी विभागों को दिसंबर तक अपना 80% बजट खर्च करना होगा। इस लक्ष्य को पूरा न करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि नगर निगम की बोर्ड बैठक विकास कार्यों के लिए होती है। इसमें हंगामा करने वाले पार्षदों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी करेंगे विभागों की समीक्षा
जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह को विभागों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रभारी मंत्री ने शहर के विकास के लिए कई निर्देश दिए। इनमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देना और पीपीपी मॉडल को मजबूत करना शामिल है।
स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों की तैयारियों पर भी जोर दिया गया। शहर में ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने और सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पखवाड़ा चलेगा। इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगेंगे।
बरसात से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी
बरसात से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। बाढ़ से खराब हुई फसलों का सर्वे कर नुकसान की भरपाई की जाएगी। प्रभारी मंत्री ने जिले के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करने के बाद हस्तिनापुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रहने वाले लोगों को खाद्य सामग्री भी वितरित की।प्रभारी मंत्री ने कहा कि नगर निगम की बोर्ड बैठक विकास कार्यों के लिए की जाती है। लेकिन कुछ पार्षद केवल झगड़ा करने के लिए ही आते हैं। ऐसे पार्षदों की वजह से विकास कार्यों के प्रस्ताव पास नहीं होते हैं। अब नगर निगम की बोर्ड बैठक में बवाल करने वालों पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गोशाला की दुर्दशा को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने संबंधित आधिकारिक को तत्काल निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।












