
सत्य का अंश मात्र ही विजय का कारण हो सकता है – विश्रुत सागर महाराज।
नगर में धार्मिक उत्साह के साथ तप और तपस्या के चल रहे हैं पर्युषण पर्व।
पर्व के दौरान आज मनाई जाएगी धूप दशमी।
खंडवा। अहिंसा व सत्य एक सिक्के के दो पहलू हैं। अहिंसा के अभाव में सत्य व सत्य के अभाव में अहिंसा की स्थिति नहीं है। अहिंसा निषेधात्मक है और सत्य विधेयात्मक। अहिंसा निषेध करती है, ऐसा मत करो, वह रोक देती है, पर सत्य विधिसूचक है। राग और विषय आकांक्षा ही दुख का कारण है। सत्य धर्म हमें राग से दूर लाकर संयम पथ का मार्ग प्रशस्त करता है। व्यक्ति को पूर्वाग्रह से बचते हुए अंतरंग सत्य का ज्ञान ग्रहण करना चाहिये। जिसके हृदय में सत्य है, उसका जीवन स्वच्छ निर्मल एवं पवित्र हो जाता है। यह पवित्रता आचरण के माध्यम से आती है। जैसे-जैसे व्यक्ति को लाभ होता है, वैसे-वैसे उनका लोभ बढ़ता जाता है। लोभ से इच्छा और इच्छा से तृष्णा बढ़ जाती है जिसकी पूर्ति कर पाना कभी संभव नही है। परंतु यह शुचिता का पावन पर्व हमें संदेश देता है कि संतोष के साथ दस धर्म पालन मोक्ष मार्ग का सोपान है। यह उद्गार पर्युषण पर्व के पांचवे दिवस उत्तम सत्य धर्म पर प्रवचन देते हुए उपाध्यक्ष श्री विश्रुत सागर महाराज ने व्यक्त किए। मुनिश्री ने कहा कि आज व्यक्ति अपने केवल थोड़े से लाभ के लिए दूसरे को हो रहे लाख रूपए की हानि हेतु असत्य बोलने में हिचकिचाता नहीं है। लालच देकर झूठी गवाहियां दिलाने की परिपाटी आज अत्यंत प्रचलित हो गई है, यह कलयुग का महात्म्य है। राजनीति में रहकर भी सत्य का प्रयोग किया जा सकता है, सत्य को जीवन में उतारा जा सकता है। जो लोग यह समझते हैं कि छल-कपट के बिना राजनीति में प्रवेश नहीं किया जा सकता, उनकी इस भूल का अहसास कराने के लिए डा. राजेन्द्र प्रसाद का दृष्टांत पर्याप्त है। सत्य का अंश मात्र भी विजय का कारण बन सकता हें। जब हम सत्य धर्म का पालन करते है तो अन्य धर्म अपने आप पल जाते है। दूसरो की निंदा से बचना चाहिए। झूठ और अप्रिय सत्य से बचना चाहिए। विश्वासघात नहीं करना चाहिए। कहा गया है कि सत्य कहने वाला हमेशा सुखी रहता है। उसे अपनी कही किसी भी बात को याद नहीं रखना पड़ता। सत्य धर्म सबसे बड़ा धर्म है। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि पर्युषण पर्व के पांचवे दिवस खंडवा की समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में उत्तम सत्य धर्म की पूजा अर्चना की गई। मुख्य आयोजन सराफा जैन धर्मशाला में मुनि संघ के सानिध्य में चल रहा है। समाज के कई तपसियों द्वारा सोमवार को पांचवें उपवास की तपस्या की गई। मुनि सेवा समिति के प्रचार मंत्री सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया कि मंगलवार को धूप दशमी का पर्व मनाया जाएगा सभी सामाजिक बंधु शाम 4:बजे खंडवा के समस्त दिगंबर जैन मंदिरों में जाकर अपने पाप कर्म के नास के लिए
धूप का खेवन करेंगे। प्राचीन सराफा श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के चलते प्रतिदिन सुबह 10:00 बजे भगवान का अभिषेक एवं शांति धारा के साथ ही दसधर्म की पूजा की जा रही है।सोमवार को शांतिधारा करने का सौभाग्य अयांश कुमार प्रेमांशु कुमार चौधरी परिवार को प्राप्त हुआ।











