
जटायु की सदगति और हनुमान मिलाप प्रसंग ने किया भावविभोर
प्रभु का नाम ही मोक्ष का मार्ग, अधम से अधम भी राम नाम से पाता है मुक्ति -श्रीधराचार्य जी महाराज
खण्डवा। नवकार नगर स्थित नक्षत्र गार्डन में चल रही श्रीमद् वाल्मीकीय श्रीराम कथा ज्ञानयज्ञ के अष्टम दिवस पर कथा व्यास परम पूज्य जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री श्रीधराचार्य जी महाराज ने जटायु की सदगति, हनुमानजी से मिलाप और शबरी मोक्ष प्रसंग का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। कथा सुनते ही श्रद्धालु भक्ति और भावविभोरता में सराबोर हो उठे।
महाराजश्री ने कहा कि जीवन में पग-पग पर भ्रमित करने वाले लोग मिलते हैं, लेकिन मोक्ष केवल परमात्मा ही दे सकते हैं। शूरवीरता, वीरता और परोपकार केवल मनुष्य में ही नहीं बल्कि जटायु जैसे पक्षी में भी विद्यमान हो सकते हैं। प्रभु श्रीराम ने जटायु को मोक्ष देकर यह संदेश दिया कि सच्ची निष्ठा और भक्ति कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने कहा कि सौ करोड़ रामायण का लाभ मात्र राम नाम लेने से प्राप्त हो जाता है। अधम से अधम व्यक्ति भी यदि मृत्यु के समय राम नाम ले ले तो उसे मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।प्रवक्ता नारायण बाहेती व सुनील जैन ने बताया कि कथा के प्रारंभ में माहेश्वरी समाज के पुरुषों व महिलाओं ने व्यासपीठ का पूजन कर महाराज श्री का स्वागत किया। महिला मंडल अध्यक्ष प्रिया जाखेतिया के नेतृत्व में माहेश्वरी महिला मंडल ने 11,000 रुपये गौसेवा हेतु भेंट किए। इस अवसर पर लखनलाल नागोरी, अखिलेश गुप्ता, विष्णु जैथलिया, हेमन्त मुंदड़ा, मनीष काबरा, नारायण बाहेती, पंकज मुंदड़ा, सुनील बाहेती ने महाराजश्री का स्वागत किया।
यजमान परिवार राजेन्द्र प्रसाद भगवानसहाय अग्रवाल, व किशनलाल अग्रवाल गेंहू वाले एवं समिति अध्यक्ष रामस्वरूप बाहेती, सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष घनश्यामदास शाह ने व्यासपीठ पूजन के साथ महाआरती कर कथा का शुभारंभ किया। कथा में भजनों पर झूमने को मजबूर हुए।बाली वध की कथा में प्रभु ने बाली को बाण चलाने का कारण बताया।
कथा में आशीष चटकेले, रितेश चौहान, मंगलेश तोमर, रामचन्द्र मोर्य के साथ-साथ निशा चांडक, उषा परवाल, अंजलि बंसल, ज्योति अग्रवाल, प्रमिला शर्मा, रानी अग्रवाल, विनोद अग्रवाल, राजेश अग्रवाल, संदीप माहेश्वरी, पं. लक्ष्मी दत्त दाधीच, उमेश बंसल, हरिवल्लभ बंसल, मुक्तिलाल नरेड़ी, राजनारायण परवाल, राजेन्द्र गर्ग, किशनलाल अग्रवाल,प्रहलाद लाड़,सुनील बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, सुधीर दलाल, गोवर्धन अग्रवाल, अखिलेश गुप्ता, सुनील जैन, अजय लाड़, नरेश जांगिड़, मांगीलाल जांगिड़, विजय राठी, संजय जियालाल, केदार कचोलिया, दीपक पालीवाल, अमित दाधीच, योगेन्द्र अग्रवाल, घनश्याम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समापन दिवस की कथा प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक होगी।











