भोपाल मध्य प्रदेश के संभाग प्रमुख प्रवीण कुमार दुबे
भोजपुर मंदिर, जिसे भोजेश्वर मंदिर भी कहा जाता है, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है। यह मंदिर अपनी विशालता, अद्वितीय वास्तुकला और विशाल शिवलिंग के लिए जाना जाता है। यह मंदिर राजा भोज द्वारा 11वीं शताब्दी में बनवाया गया था और यह भारतीय मंदिर वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
भोजपुर मंदिर की मुख्य विशेषताएं:
- विशाल शिवलिंग:मंदिर में स्थापित शिवलिंग दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंगों में से एक है। यह एक ही पत्थर से बना है और इसकी ऊंचाई लगभग 7.5 फीट और परिधि 17.8 फीट है।
- अपूर्ण संरचना:मंदिर का निर्माण अधूरा रह गया था, जिससे इसकी संरचना और भी आकर्षक लगती है।
- स्थापत्य कला:मंदिर की वास्तुकला, बिना चूने-मिट्टी के पत्थरों का उपयोग करके बनाई गई है, जो उस समय की निर्माण कला का एक अद्भुत उदाहरण है।
- प्राकृतिक सौंदर्य:मंदिर बेतवा नदी और प्राकृतिक पहाड़ियों से घिरा हुआ है, जो इसे एक सुंदर और शांत वातावरण प्रदान करता है।
- ऐतिहासिक महत्व:मंदिर का निर्माण राजा भोज द्वारा कराया गया था, जो परमार वंश के एक शक्तिशाली शासक थे।
- धार्मिक महत्व:
यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यहां साल भर भक्त दर्शन के लिए आते हैं।
भोजपुर मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय स्थापत्य कला और इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। according to UNESCO World Heritage Centre, it represents the peak of temple architecture during the Parmar period in India.











