संवाददाता अखिलेश विश्वकर्मा का रिपोर्ट गढ़वा
नगर ऊंटारी से
गढ़वा। नगर ऊंटारी प्रखंड के नगर पंचायत के विशुनपुर बस्ती में बुधवार को रमजान-उल-मुबारक के 16 वां रोजा के मौके पर इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया।
जिसमें सैकड़ों रोजेदारों उपस्थित हुए और रोजा इफ्तार किया। रोजा इफ्तारी से पहले अहमद रज़ा जमा मस्जिद, गोशिया के मुदर्रिस मौलाना अबुल कादिर शेराजी, मौलाना पैगाम रजा,ने सभी रोजेदारों के साथ अल्लाह तबारक व ताला के बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क की अमनचैन के लिए दुआएं मांगी।
इफ्तार पार्टी में मुस्लिम समाज के बड़े-बुजूर्ग, नौजवान व बच्चों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। मगरिब की अजान सुनकर सभी रोजेदारों ने एक साथ रोजा इफ्तार किया। मार्च माह की तपती गर्मी में भी मुस्लिम समाज के लोग अपने रब की इबादत के लिए 15 घंटे भूखे प्यासे रहकर रोजा रखा। वहीं मौलाना अबुल कादिर शेरजी, पैगाम रजा,ने बताया कि रमजान-उल-मुबारक का यह पाक व पवित्र महीना रहमतों व बरकतों से भरपूर है। जो शख्स रोजेदार को इफ्तार कराता है। अल्लाह तबारक व ताला उस शख्स को रोजेदार के बराबर सवाब अता फरमाता है। इस प्रकार का इफ्तार पार्टी का आयोजन से आपसी भाईचारा भी बढ़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि रमजान-उल-मुबारक को तीन अशरा (हिस्से) में बांटा गया है। पवित्र माह रमजान का पहला अशरा बरकतों का, दूसरा अशरा ग्यारहवीं रमजान से 16वा वहीं रमजान के आखिरी अशरा एक रात लैलतूल कदर का आता है। जिस रात में रात भर जागकर इबादत करने से एक हजार महीने का सवाब मिलेगा।
अपनी जिंदगी का आधार मानकर चलना चाहिए। माना जाता है कि इस पूरे महीने की इबादत आपको अल्लाह के करीब लेकर जाती है। पूरे साल किए गए गुनाहों को खुदा से माफ कराने का महीना है माहे-रमज़ान।
अहमद रज़ा जमा मस्जिद नगर ऊंटारी अजुमन कमिटी के सदर तोहिद ख़ान ने बताया की रमज़ान में रोज़ा रखना, रोज़ेदार की कदर करना, रोज़ेदार का एहतिराम करना भी अल्लाह ने इबादत बताया है। रमज़ान के इस पाक महीने में आप भी अपने दोस्तों और साथियों को इस दिन की बधाई देना चाहते हैं
नगर पंचायत शहर के युवा समाजसेवी ताऊआब खान ने बतायाकी रमज़ान इस्लामी कलेंडर का नवां महीना है जिसमें पूरे माह अल्लाह की इबादत की जाती है। ये वो महीना है जिसमें इंसान झूट, फरेब और धोखे से दूर रहता है। पांच वक्त की पाबंदी से नमाज पढ़ता है, 30 रोजे़ रखता है और इस्लाम धर्म के एक और पिलर यानि ज़कात देता है। माना जाता है कि खुद को पाक करने का महीना है रमजान।
वहीं इस मौके पर,आमिर सदर तस्लीम ख़ान, सरपरस्त समीम ख़ान, एन सदर तौकीर रज़ा,मौलाना एजाजअंजुम, एमुलाह खलिफा, खुर्शीद ख़ान, मुना ख़ान, मोख्तार ख़ान, अरशुदीन ख़ान, सलातींन ख़ान, सूचना प्रभारी अजरूलाह ख़ान एव काफ़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मौजूद थे









