
महिला एवं बाल विकास योजनाओं की समीक्षा, विधायक छाया मोरे ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के लाभार्थियों की स्थिति पर मांगी जानकारी
आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की मांग।
किराए के भवनों से शासकीय भवनों में आंगनवाड़ी संचालन पर दिया जोर।
महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर हुई चर्चा।
खंडवा । मध्यप्रदेश विधानसभा सचिवालय में सोमवार को महिला एवं बाल कल्याण संबंधी समिति की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक में समिति की सदस्य एवं पंधाना विधायक छाया मोरे ने सक्रिय सहभागिता करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा की तथा जमीनी स्तर से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया की बैठक के दौरान विधायक छाया मोरे ने मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों को मिलने वाले लाभों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की और ऐसे बच्चों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र हितग्राहियों तक इसकी पहुंच बढ़ाने के निर्देश देने का आग्रह किया। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इसके अलावा विधायक छाया मोरे ने आंगनवाड़ी केंद्रों में टीवी, आरओ एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं बेहतर सुविधाओं के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण आवश्यक है।
बैठक में उन्होंने यह भी मांग की कि किराए के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर शासकीय भवनों में संचालित किया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके।
विधानसभा समिति की इस बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों तथा भविष्य की कार्ययोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विधायक छाया मोरे ने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश की कई महिला विधायक जो महिला एवं बाल कल्याण समिति की सदस्य हैं वे भी बैठक मे सम्मिलित रही।










