
पर्यावरण सुधार सत्याग्रह कार्यशाला का आयोजन,
सीमित उपभोग का दिया संदेश
खंडवा। भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी शाखा खंडवा के तत्वावधान में श्री सरस्वती शिशु मंदिर, कल्याणगंज में “पर्यावरण सुधार सत्याग्रह कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पर्यावरणविद् विशेषज्ञ एवं चेतनसिंह सोलंकी ने अपने अनुभवों के आधार पर बताया कि वर्तमान जीवनशैली, खानपान और पहनावे के कारण हम धरती के संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि एक-एक कपड़ा बनाने में हजारों लीटर पानी खर्च होता है और कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन भी बढ़ता है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें सीमित संसाधनों वाली इस धरती के संरक्षण के लिए अपने उपभोग को सीमित करना होगा और आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर पर्यावरण छोड़ने का संकल्प लेना होगा।
कार्यक्रम में भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष एवं कलेक्टर ऋषवजी गुप्ता तथा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराई और उपस्थित गणमान्यजनों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर खंडवा जिले में विगत 10 वर्षो से माटी के गणेश कार्यशाला के माध्यम से हजारों लोगों को प्रशिक्षण दे रहे पर्यावरण प्रेमी धर्मेंद्र जौहरी, श्री दादाजी त्रिवेणी विहार संयोजन समिति की प्रमुख श्रीमती रिंकू राठौड़, श्रीमती रचना तिवारी तथा श्री विमल खंडेलवाल को 151 त्रिवेणी पौधों के संरक्षण व संवर्धन के लिए, वर्षो से पक्षियों की जल सेवा हेतु सकोरे बांटकर जनमानस को प्रेरित करने वाले दरियावसिंह शंखपुष्पी जी को चेतन सिंह सोलंकी एवं विक्रमसिंह सोलंकी जी एवं पदाधिकारियों द्वारा शाल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सूत्रधार श्री भरत झंवर, श्री अखिलेश गुप्ता एवं श्री भानु भाई पटेल रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन श्री आशीष अग्रवाल ने किया।
कार्यक्रम में रेड क्रॉस के बैनर तले लगभग 15 संस्थाओं ने सहभागिता करते हुए “सीमित धरती, सीमित उपभोग” के संदेश को आगे बढ़ाने और 10,000 लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया। कटारिया फाउंडेशन द्वारा निःशुल्क सकोरे वितरण में सहयोग दिया गया।
साथ ही रेड क्रॉस के बैनर तले एनर्जी स्वराज फाउंडेशन के सहयोग से खंडवा में एक समूह का गठन किया गया, जिसमें श्री विमल खंडेलवाल को प्रभारी बनाकर पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की सतत निगरानी और संचालन का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का प्रारम्भ द्वीप प्रज्जवलन एवम वंदना से हुआ, ध्येय गीत दीदी ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर चेतनसिंह जी और विशेष रूप से उपस्थित उनके पिताजी श्री विक्रमसिंह जी को डॉ दिलीप जैन , डॉ एस एस चौहान और पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह प्रदान किये, आभार विजय आर्य ने माना, कार्यक्रम का समापन सामूहिक वंदे मातरम से हुआ।
कार्यक्रम में साहित्यकार श्रीरामजी परिहार, बीके शक्ति दीदी, जय नागडा, अरुण बाहेती, डॉ. दिलीप जैन, डॉ. एसएस चौहान, अजय लाड , श्रीमती आशा उपाध्याय,मनीष जायसवाल, अनिमेष शर्मा, ओम दशोरे,नारायण बाहेती, ग़ोविन्द शर्मा, रविन्द्र बंसल सहित रेड क्रॉस सोसाइटी के रवीन्द्र सिंह, रविंद्र मावकर, रवि चौरे, नाजेश वालंजकर, अनिल बाहेती, सुरेंद्र सिंहजी सोलंकी सहित अन्य साथी उपस्थित रहे।




