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खंडवा कांजा बैड़ा में आस्था का अद्भुत चमत्कार: पहाड़ की खुदाई में प्रकट हुई मां दुर्गा की प्राचीन प्रतिमा

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खंडवा कांजा बैड़ा में आस्था का अद्भुत चमत्कार: पहाड़ की खुदाई में प्रकट हुई मां दुर्गा की प्राचीन प्रतिमा

सपनों के संकेत पर युवक ने बताई सटीक जगह, डेढ़ फुट खुदाई में निकली मूर्ति

गांव में उमड़ी श्रद्धा की लहर, विधायक ने 5 लाख सहयोग से मंदिर निर्माण का किया ऐलान

प्रशासन सतर्क, मूर्ति की पुरातत्व विभाग से कराई जाएगी जांच

खंडवा। जिले के छैगांवमाखन क्षेत्र अंतर्गत भुइफल गांव के पास स्थित कांजा बैड़ा पहाड़ इन दिनों आस्था, रहस्य और जनविश्वास का केंद्र बन गया है। यहां महज डेढ़ फुट की साधारण खुदाई में मां दुर्गा की पाषाण की प्राचीन प्रतिमा निकलने से पूरे क्षेत्र में श्रद्धा का अभूतपूर्व माहौल निर्मित हो गया है।
इस घटना को और भी खास बनाती है इसकी पृष्ठभूमि, जो किसी सामान्य खोज से नहीं बल्कि एक युवक को लगातार आए दिव्य सपनों से जुड़ी हुई है। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि पुनासा क्षेत्र के आँजनिया गांव निवासी राजू जगताप का कहना है कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से मां दुर्गा उसे स्वप्न में दर्शन देकर एक विशेष स्थान की ओर संकेत कर रही थीं और बार-बार कहती थीं कि “मैं यहां हूं, मुझे बाहर निकालो।”
शुरुआत में युवक ने इन सपनों को सामान्य मानकर नजरअंदाज किया, लेकिन जब एक ही दृश्य और संदेश बार-बार आने लगे, तो उसने इसे एक दिव्य संकेत मानते हुए गंभीरता से लिया। अंततः वह भुइफल गांव पहुंचा और सरपंच प्रतिनिधि सहित ग्रामीणों को पूरी बात विस्तार से बताई। सुनील जैन ने बताया कि चैत्र शुक्ल की बारस तेरस सोमवार सुबह ग्रामीणों की मौजूदगी में कांजा बैड़ा पहाड़ पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद युवक ने उस स्थान की पहचान करवाई, जहां उसे सपनों में माता के होने का आभास हुआ था। जैसे ही खुदाई प्रारंभ हुई, महज डेढ़ फुट नीचे से पत्थर की प्राचीन प्रतीत होने वाली मां दुर्गा की प्रतिमा बाहर आ गई।
प्रतिमा के प्रकट होते ही मौके पर “जय माता दी” के जयकारों से पूरा पहाड़ी क्षेत्र गूंज उठा। देखते ही देखते आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचने लगे। लोगों ने इसे माता का चमत्कार मानते हुए तत्काल उसी स्थान पर पूजा-अर्चना शुरू कर दी और अस्थायी रूप से पूजा स्थल का निर्माण भी कर दिया गया।

विधायक ने किया मंदिर निर्माण का ऐलान, 5 लाख सहयोग की घोषणा

समाज सेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पंधाना विधायक छाया मोरे मौके पर पहुंचीं। उन्होंने श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और ग्रामीणों की मांग को स्वीकार करते हुए यहां भव्य मंदिर निर्माण के लिए अपनी ओर से 5 लाख रुपये के सहयोग की घोषणा की। विधायक ने कहा कि यह स्थान भविष्य में क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र बन सकता है और यहां श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर संभव विकास कार्य किए जाएंगे।
प्रशासन ने संभाली व्यवस्था, पुरातत्व जांच के निर्देश

उधर प्रशासन भी पूरी सतर्कता के साथ मौके पर पहुंचा। प्रशिक्षु आईएएस एवं प्रभारी तहसीलदार कृष्णा सुशीर के नेतृत्व में टीम ने स्थल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से संवाद किया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रतिमा को फिलहाल पंचायत के संरक्षण में सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही इसकी प्राचीनता, ऐतिहासिक महत्व और वास्तविकता का पता लगाने के लिए पुरातत्व विभाग से वैज्ञानिक जांच कराई जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और तब तक स्थल की सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता रहेगी।

आस्था, इतिहास और रहस्य का संगम बना कांजा बैड़ा पहाड़

 समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है। जहां एक ओर श्रद्धालु इसे मां दुर्गा का चमत्कार मान रहे हैं, वहीं इतिहास और पुरातत्व के दृष्टिकोण से भी यह खोज महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हिंदूवादी नेता अशोक पालीवाल ने इस घटना को ऐतिहासिक संदर्भ से जोड़ते हुए कहा कि भारत सदैव अध्यात्म का केंद्र रहा है। उन्होंने कहा कि मुगल काल में जब मंदिरों को तोड़ा गया, तब हमारे पूर्वजों ने मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए पहाड़ों और गुप्त स्थानों पर छुपा दिया था। उनका मानना है कि आज महावीर जयंती के पुण्य अवसर पर माता स्वयं प्रकट हुई हैं और यह स्थान अब “दुर्गा माता पहाड़” के रूप में जाना जाएगा, जहां भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

इनका कहना है:

राजू जगताप (युवक):
“मुझे करीब डेढ़ साल से माता के सपने आ रहे थे। माता बार-बार एक ही स्थान दिखाकर कहती थीं कि मैं यहां हूं, मुझे बाहर निकालो। आज जब खुदाई में प्रतिमा निकली, तो यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।”
गजराज सिंह (सरपंच प्रतिनिधि):
“युवक ने पहले ही इस स्थान की जानकारी दी थी। आज जब खुदाई हुई तो वास्तव में माता की प्रतिमा निकल आई। यह हमारे गांव के लिए गर्व और आस्था का विषय है, हम यहां भव्य मंदिर बनाना चाहते हैं।”
छाया मोरे (विधायक, पंधाना):
“यह आस्था से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। ग्रामीणों की मांग पर यहां जनसहयोग से मंदिर निर्माण कराया जाएगा और इस स्थल को विकसित किया जाएगा।”
कृष्णा सुशीर (प्रशिक्षु आईएएस, प्रभारी तहसीलदार):
“प्रतिमा को सुरक्षित रखा जा रहा है। इसकी प्राचीनता जानने के लिए पुरातत्व विभाग से जांच कराई जाएगी और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जाएंगी।”
अशोक पालीवाल (हिंदूवादी नेता):
“भारत अध्यात्म का केंद्र रहा है। इतिहास में मूर्तियों को सुरक्षित रखने के लिए पहाड़ों में छुपाया गया था। चैत्र माह पवित्र त्योहार का महीना है सोमवार महावीर जयंती के दिन माता का प्रकट होना एक दिव्य संकेत है। यह स्थान अब दुर्गा माता पहाड़ के रूप में विकसित होगा।”

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