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राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार संगठित, संस्कारित,अनुशासित समाज : स्वांतरंजन जी

राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार संगठित, संस्कारित,अनुशासित समाज : स्वांतरंजन जी

बहराइच ! एस.आर लान बहराइच में आयोजित हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप मे संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार संगठित, संस्कारित और अनुशासित समाज होता है।आरएसएस का शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति दायित्वों को और अधिक दृढ़ता से निभाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि हिंदू आपस में मिल-जुलकर साथ रहना सीखें। हमारा व्यवहार परस्पर आत्मीयता व समरसतापूर्ण होना चाहिए। हमे संपूर्ण हिंदू समाज को जोड़कर चलना होगा साथ ही साथ समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए भी मिलकर प्रयत्न करना होगा तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविशंकर जी महाराज पंचवटी आश्रम रिसिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति ही समाज को जोड़ने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। धर्म का वास्तविक अर्थ केवल आस्था नहीं, बल्कि मानवता, सेवा और सद्भाव है। उन्होने अयोध्या, मथुरा और काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि ये तीनों धाम भारत की आत्मा और सनातन संस्कृति के जीवंत प्रतीक हैं।

 

विशिष्ट अतिथि के रूप मे मौजूद विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष परिषद, अवध प्रान्त की मंजुला उपाध्याय ने शिक्षा, सामाजिक चेतना और राष्ट्र के प्रति नागरिक दायित्वों पर प्रकाश डालते हुए नारी शक्ति की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “नारी के बिना राष्ट्र की प्रगति की कल्पना अधूरी है।कार्यक्रम का संचालन देवाशीष द्वारा किया गया।

 

कार्यक्रम में विभाग प्रचारक कृष्ण कुमार, प्रांत के समरसता संयोजक राज किशोर, पदम सेन चौधरी , मुकुट बिहारी, जिला प्रचारक अजय, जिला सह कार्यवाह अंकुश, विजय कुमार सिंह, संदीप कुमार, विपेन्द्र कुमार, गंगाधर , कौशलेंद्र चौधरी, शिवसहाय सिंह, संयोजक, राकेश सोनी सह संयोजक , उमेश कुमार सिंह , बृजेश चौधरी, हरिद्वारी प्रसाद गुप्ता सह संयोजक, मोहित मिश्रा, रंजना सिंह,सहित सैकड़ो की संख्या में स्वयंसेवक बंधु व विचार परिवार के लोग उपस्थित रहे।

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