
*मंडी प्रशासन की बड़ी लापरवाही किसानों को नहीं मिल रहा मक्का का उचित दाम*
*कृषि मंडी में टोल काटो की कमी मंडी में चुंगी से परेशान किसान*
*मंडी अधिकारी ओ पी खेड़े पर किसानों ने लगाए गंभीर आरोप किसानों ने*
*मंडी में ₹200 ट्रॉली देकर किसान ट्रॉली खाली करवाते हैं बिचौलिए*
*मंडी गेट पास के नाम पर किसानों से अवैध वसूली*
*सैकड़ों लाइसेंसधारी व्यापारी नीलामी के समय 3 व्यापारी ही आते, किसानों ने लाइसेंस निरस्त करने की करी मांग*
खंडवा -इंदौर रोड स्थित कृषि उपज मंडी में आज किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जमकर हंगामा किया नौबत यहां तक आ गई की किसानों ने खंडवा इंदौर रोड पर ही ट्रैक्टर ट्राली खड़ी करके चक्का जाम कर दिया आंदोलन लगभग 3 घंटे तक चला अधिकारियों को पसीना आ गया किसानों को मनाने में, किसानों ने बताया कि एक और राज्य
सरकार ने मक्का की एमएसपी 2200 रुपये प्रति क्विंटल तय की है। फिर भी व्यापारी 700 रुपये प्रति क्विंटल में खरीद रहे हैं। अगर उपज में नमी है, तो भाव उसी के अनुसार तय होना चाहिए। पर मंडी के व्यापारी मनमानी कर रहे हैं।
मंडी में मात्र एक तोल कांटे से उपज की तोल हो रहा है, जिले के किसानों को काफी समस्या आ रही है लेकिन मंडी प्रशासन इस और ध्यान नहीं दे रहा है
बड़गांव गुर्जर के किस बालू करोड़ी ने बताया कि
उपज की नीलामी के बाद उन्हें खुद वाहन से व्यापारी के गोदाम तक जाना पड़ता है। इससे खर्च बढ़ता है। किसानों की मांग है कि उपज मंडी में ही खाली कराई जाए, मंडी में एक तौल कांटा चल रहा है इसकी संख्या 5 की जानी चाहिए जिससे किसानों की समय की बचत होगी और नीलामी भी जल्दी हो जाएगी
किसानों की मांग है कि उपज का भुगतान उसी समय मंडी में ही किया जाए। अभी व्यापारी रात 2 बजे तक पेमेंट करते हैं। जिससे किसानों को परेशानी हो रही है
मंडी में अवैध वसूली हो रही है। गेट पर 5 से 20 रुपये प्रति वाहन वसूले जाते हैं। जल्दी तौल कराने पर 200 रुपये प्रति वाहन तक लिया जाता है। किसानों ने चेतावनी दी
इन्हीं मांगों को लेकर हमने इंदौर रोड पर चक्का जाम किया यदि मंडी प्रशासन हमारी मांगों को पूरा नहीं करता है तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन होगा वही आंदोलन की जानकारी लगते ही जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर और सीएसपी अभिनव बारंगे मौके पर पहुंचे। बाद मैं एसडीएम ऋषि सिंघई और अपर कलेक्टर अरविंद चौहान भी पहुंचे। डीडीए नितेश यादव ने किसानों से बातचीत की और कहा कि उनकी सभी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन किसान लिखित आश्वासन मांगते रहे।किसानों ने उन व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त करने की मांग की जो खरीदी नहीं कर रहे हैं, मक्का खरीदी के नाम पर किसानों से केवल औपचारिकता निभाई जा रही है जिसका किसान विरोध करते हैं किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।









