
*एडिटर/संपादक:-तनीश गुप्ता,खण्डवा*

पंधाना विधायक छाया मोरे ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में महिला सशक्तिकरण पर विशेष विचार साझा किए।
खंडवा। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने हेतु आयोजित विधायी राष्ट्रीय सम्मेलन में पंधाना विधायक छाया मोरे ने अपने विचार प्रस्तुत कर महिलाओं के अधिकार एवं समाज में उनके सशक्तिकरण पर गहन रूप से प्रकाश डाला। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि प्रदेश और खंडवा जिले के लिए गर्व का विषय है कि महिला सशक्तिकरण को लेकर तिरुपति में आयोजित विधायी राष्ट्रीय सम्मेलन में पंधाना की विधायक छाया मौरे को आमंत्रित किया गया और उन्होंने इस राष्ट्रीय मंच से महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार रखें। सम्मेलन के दूसरे दिन भी तिरुपति में संसदीय एवं विधायी समितियों के प्रथम राष्ट्रीय सम्मेलन में छाया मोरे ने अपना उद्बोधन दिया। मंच पर आते ही विधायक छाया मोरे ने सभी गणमान्य अतिथियों का अभिवादन किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर अपने मंथन और अनुभव साझा करते हुए कहा में मध्य प्रदेश के पंधाना आदिवासी क्षेत्र से प्रथम बार विधायक बनी हूं , और मुझे गर्व हे कि में यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में काम कर रही हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं तैयार की गई हैं, जो उन्हें सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र में सशक्त बनाने का अवसर प्रदान कर रही हैं। छाया मोरे ने विशेष रूप से यह उल्लेख किया कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की प्रगति में योगदान दे रही हैं। चाहे वह नौकरी हो, व्यवसाय का क्षेत्र हो या फिर देश की रक्षा करने वाले बलों में शामिल होकर सीमा पर देश की रक्षा कर रही हों – महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा, “महिलाओं को समान अवसर मिलना चाहिए ताकि वे समाज की सकारात्मक शक्ति बनकर उभरें। हमें यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं की प्रतिभा को हर क्षेत्र में समान मान्यता और अवसर प्राप्त हो।”विधायक छाया मोरे ने सम्मेलन में महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने हेतु प्रभावी नीतियों और ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।








