
कथा जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच जाएगी तब समाज में रामराज्य संभव: चिन्मयानंद बापू
खंडवा। शिव की शक्ति अपरंपार हें। और हमारे भोले बाबा थोड़े से जल चढ़ाने से ही प्रसन्न हो जाते हैं। शिव कथा सुनने मात्र से ही हमारे पापों का अंत हो जाता है और पुण्य की प्राप्ति होती है बहुत सारे वर्ग कथा से वंचित है और कहीं ना कहीं दुर्भाग्य है ऐसे लोगों का जो समाज में रहकर भी समाज के प्रति वफादार नहीं है और सनातन धर्म के होकर भी सनातन धर्म को ठेस पहुंचा रहे। यह उदगार भवानी माता प्रांगण में चल रही श्री शिव महापुराण कथा दूसरे दिन संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू जी ने व्यक्त किए। संत बापू जी ने कहा कि समाज के अंतिम वर्ग का व्यक्ति भी अगर कथा से जुड़े तो आज समाज में रामराज्य संभव हो जाएगा बाद में शिव महापुराण की कथा के संबंध में बापूजी ने चंचला देवी की भक्ति और उनकी द्वारा सुनी गई शिव महापुराण की कथा को बताते हुए कहा कि चंचला का पति अत्यंत दुराचारी था और उसके पापों का परिणाम कि उसकी मृत्यु के पश्चात उसको भयानक प्रेत बनना पड़ा लेकिन बाद में चंचला के द्वारा जब विंध्य पर्वत पर शिव महापुराण कराकर और शिव महापुराण अपने पति के नाम से सुनी गई और उसके कारण उसके पति को प्रेत योनि से मुक्ति मिली बापूजी ने कहा कि पति पत्नी यदि चाहे ले तो एक दूसरे को भयानक से भयानक पापों से भी मुक्ति अपने कर्मों से दिला सकते हैं बापूजी ने कहा इस समाज में चाहे पति कितना भी आगे बढ़ जाए और चाहे पत्नी भी कितनी आगे बढ़ जाए लेकिन दोनों को चाहिए कि अपनी भक्ति से एक दूसरे को प्रभावित करें बापूजी ने कहा कि शिवपुराण की कथा सुनने के बाद हमारा मोक्ष तभी होगा जब हम आगे जीवन में पाप ना करने का संकल्प लें और भोलेनाथ के प्रति अपने अगाध श्रद्धा बताते हुए अपने जीवन को पवित्र और पुनीत बनाएं। समाजसेवी व प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि बापू जी ने कथा के दौरान एक सुंदर भजन भोले नाथ से निराला कोई और नहीं जैसे ही गाया श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए और पंडाल से बाहर तक श्रोताओं की अपार भीड़ भजन में सुंदर नृत्य गान करने लगे। इस पवित्रतम श्रावण मास में बापू ने कहा कि भोलेनाथ की भक्ति से सर्वोच्च कुछ भी नहीं है और जितना हो सके इस महीने में शिव महापुराण की कथा सुने और भोलेनाथ की आराधना रुद्राभिषेक और उनकी भक्ति करें।कथा में ट्रस्टी रामधारी मित्तल, मुख्य यजमान संजय अग्रवाल , नरेश जांगिड, सुनील जैन, नारायण बाहेती,अखलेश बबनिया,ब्रजेश त्यागी, सतीश उपाध्याय, यदुनंदन तारे , महेंद्र सावले , राहुल दशोरे, हितेश पटेल, प्रियंका अमित सुघंधी, विनोद मार्कण्डेय
और समस्त विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।












