*सुरेश सोनी-मोहन यादव ने की पैरवी… और लग गई ”हेमंत खंडेलवाल” के नाम पर मोहर,,,,*
नरोत्तम मिश्रा, सम्पतिया उइके से लेकर अन्य नामों के कयासी घोड़े मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में खूब दौड़े, लेकिन अंत में बैतूल से विधायक व पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल पर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर दिल्ली दरबार से मोहर लग गई… कुछ देर पहले ही हेमंत खंडेलवाल नामांकन दाखिल करने भाजपा कार्यालय पहुंचे… इससे पूर्व खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की… हेमंत खंडेलवाल प्रबल दावेदार इसलिए रहे क्योंकि इनके पिता विजय खंडेलवाल भी भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और संगठन से इनका काफी पुराना जुड़ाव रहा… यही कारण रहा कि हेमंत खंडेलवाल के नाम को लेकर सत्ता-संगठन दोनों राजी रहे… खंडेलवाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुरेश सोनी के भी करीबी बताए जाते हैं और दिल्ली दरबार में जब अंतिम चरण की चर्चा हुई तो उसमें सुरेश सोनी और सीएम यादव ने हेमंत खंडेलवाल के नाम को ही आगे बढ़ाया… वहीं शिवराजसिंह चौहान भी खंडेलवाल के नाम पर राजी रहे…
*घोटाले में महिला मंत्री का नाम इसीलिए उछला…*
मध्यप्रदेश में एकाएक जल जीवन मिशन के फंड में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की मंत्री सम्पतिया उइके पर लगा… बताया गया कि करीब हजार करोड़ रुपए की कमीशन वसूली हुई… हालांकि कुछ ही घंटों में विभाग द्वारा उन्हें क्लिनचिट भी दे दी गई… वहीं इस मामले में अब विपक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहा है, तो मंत्री ने भी खुद को निर्दोष बताया… इधर, खबर चल रही है कि इस घोटाले का हल्ला एकाएक इसलिए मचा क्योंकि कुछ ऊपरी पदाधिकारियों की मंशा थी कि इस बार प्रदेश को महिला प्रदेश अध्यक्ष मिले और महिला उम्मीदवारों में अर्चना चिटनीस के अलावा सम्पतिया उइके का नाम आगे था, लेकिन आरोपों के बाद मंत्री उइके रेस से बाहर हो गईं… फिलहाल प्रदेश अध्यक्ष को लेकर मध्यप्रदेश में तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है और हेमंत खंडेलवाल के नामांकन दाखिल करने के बाद अगले 24 घंटे में पार्टी द्वारा औपचारिक घोषणा भी कर दी जाएगी..!
*”बॉस” फिर निकले ”कटे हाथ के ठाकुर”..?*
पिछले दिनों जब काबिना मंत्री और इंदौर-1 के विधायक कैलाश विजयवर्गीय की इंदौर आए केन्द्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के बीच जो गुप्त गुफ्तगू हुई उसे भी प्रदेश अध्यक्ष के चयन से जोड़ा गया… कुछ समर्थकों ने कहा कि ”बॉस” खुद इस पद के प्रबल दावेदार हैं और इसी को लेकर ”भाई-मामा” के बीच मंथन हुआ… वहीं यह भी कहा गया कि प्रदेश अध्यक्ष के चयन को लेकर एकमत होने के उद्देश्य से भी मामा को विजयवर्गीय के घर ”पेट पूजा” हेतु जाना पड़ा… कुछ कयास ऐसे भी लगे कि दिल्ली में पूर्व में जो कुछ नाम सामने आए उन नामों पर भी सहमत-असहमत को लेकर हुई रस्साकसी के चलते भी चौहान-विजयवर्गीय मिले और मामा ने चार दिन पहले विजयवर्गीय से कहा – ”इंदौर आकर मिलता हूं..!” और इस ”शिव-कैलाश मिलाप” को मीडिया के जरिए अलग हवा देने की कोशिश की गई… अब हेमंत खंडेलवाल पर मोहर लगने के बाद सियासी गलियारों में ”बॉस” का ”कटे हाथ के ठाकुर” वाला डायलॉग गूंजने लगा..!









