
दलाई लामा के शांति पुरस्कार प्राप्त के दिन सामाजिक बंधुओ ने केक काटकर मनाया उत्साह।
खंडवा। तिब्बती समाज के सामाजिक बंधुओ ने बुधवार खंडवा श्री गणेश गौशाला पहुंचकर गौ माता का पूजन कर गोग्रास खीला कर तिब्बती बौद्ध धर्म के आध्यात्मिक नेता और करुणा के बोधिसत्व अवलोकितेश्वर के अवतार दलाई लामा को नमन कर केक काटकर उत्साह मनाया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि दलाई लामा तिब्बती बौद्ध धर्म के प्रमुख माने जाते हैं, जिनका पद तिब्बत के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक व्यक्ति के रूप में सदियों से चला आ रहा है; वर्तमान (14वें) दलाई लामा, तेनज़िन ग्यात्सो, एक किसान परिवार से हैं, जिन्हें 2 साल की उम्र में पहचाना गया और 1959 में चीनी आक्रमण के बाद भारत के धर्मशाला में निर्वासन में रहना पड़ा, जहाँ उन्होंने तिब्बती समुदाय का नेतृत्व किया और वैश्विक शांति के लिए काम किया, जिसके लिए उन्हें 1989 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि आज ही के दिन 10 दिसंबर को 1989 में दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त हुआ था इस दिन को महत्व का मानते हुए सामाजिक बंधु उत्साह से खुशियां मनाते हैं, बुधवार को तिब्बती समाज के नामग्याल चान्ज़ी, डेचेन वांग्मो, तेनजीन डावा, इकुंचोक नोगडुप ग्याम्त्सो, तेनज़िन वांग्याल के साथ ही गणेश गौशाला के अध्यक्ष राकेश बंसल, सचिव रामचंद्र मौर्य, आशीष चटकेले, सुनील जैन राकेश ठाकुर, सुरेंद्र शर्मा भी उपस्थित थे।










