
*संपादक:-तनीश गुप्ता,खण्डवा
*सद्भावना मंच का आयोजन*
*गीतों को गाकर संगीतकार गायक हेमंत दा को किया याद*
खंडवा। आज हेमंत कुमार की जयंती है ये वही हेमंत दा हैं जिनकी मखमली, गहराई से भरी आवाज ने 50-60 के दशक में धूम मचा दी थी। खासकर देवानंद जैसे रोमांटिक हीरो की तो पहचान ही उनकी आवाज से बन गई थी जिन्हें उनके समकालीन संगीतकारों, गायकों ने भगवान की आवाज कहा है और श्रोताओं ने जिनके संगीत और स्वर को मंदिर में जलते दीये की लौ जैसा पाया है। खासतौर उनकी आवाज ने देवानंद को रोमांस का बादशाह बनाया था। मधुर संगीत लहरियों से सजाने संवारने वाले महान संगीतकार और पार्श्व गायक हेमंत कुमार मुखोपाध्याय उर्फ हेमंत दा के गीत आज भी फिजां के कण-कण में गूंजते महसूस होते हैं। यह बात सदभावना मंच संस्थापक प्रमोद जैन ने मालीकुआं स्थित मंच कार्यालय में महान संगीतकार और पार्श्व गायक हेमंत दा को जन्मदिन पर गीतों भरी श्रृध्दांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित सदस्यों को सम्बोधित करते हुए कहीं। यह जानकारी देते हुए मंच के निर्मल मंगवानी ने बताया कि इस मौके पर मंच के प्रमोद जैन, पूर्व डीएसपी आनंद तोमर, सुरेंद्र गीते, एनके दवे, अजय मंडलोई, गणेश भावसार, ओम पिल्लै, निर्मल मंगवानी, धीरज नैगी, केबी मनसारे, अशोक पारवानी, राधेश्याम शाक्य, अर्जुन बुंदेला, कमल नागपाल, कैलाश पटेल, सुभाष मीणा, नारायण फरकले आदि सहित सद्भावना मंच सदस्यों ने हेमंत दा के गीतों को कराओके पर गुनगुना कर याद किया।












