मेरठ। धोखाधड़ी के मामलों में नया मोड़ सामने आया है। इस बार मामला रिटायर्ड सब रजिस्ट्रार चेतन प्रकाश शर्मा की जमीन से जुड़ा है, जहां उनकी भाभी और पांच भतीजियों ने कथित रूप से एक फर्जी समझौतानामा तैयार कर जमीन हड़पने की कोशिश की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस समझौतानामे की नोटरी एक ऐसे अधिवक्ता से कराई गई, जिनकी मौत तीन साल पहले हो चुकी थी। यही नहीं, समझौते में गवाह के रूप में एक ऐसे व्यक्ति का नाम है, जिसकी मृत्यु दो साल पहले हो चुकी थी।
नौचंदी थाना क्षेत्र के नेहरुनगर, गढ़ रोड निवासी चेतन प्रकाश शर्मा ने एसएसपी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए बताया कि वर्ष 1982 में उनका अपने भाई प्रद्युम्न कुमार के साथ गांव कमालपुर स्थित कृषि भूमि का बंटवारा हुआ था। भाई की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी देवकी और बेटियों रजनी, मेघा, फाल्गुनी, विशाखा और इला ने तहसील कोर्ट में मुकदमा दायर कर जमीन का नामांतरण अपने नाम कराने की कोशिश की।इस उद्देश्य से आरोपियों ने 11 सितंबर 2017 को एक फर्जी समझौतानामा तैयार कराया, जिसमें पीड़ित के जाली हस्ताक्षर किए गए और मृत व्यक्ति मायाप्रकाश को गवाह बनाया गया। गवाही देने वाले मायाप्रकाश की मृत्यु 4 मई को और नोटरी करने वाले अधिवक्ता अनीस अहमद की मृत्यु 1 फरवरी 2014 को हो चुकी थी। बावजूद इसके, इन दोनों को समझौते में शामिल दिखाया गया।चेतन प्रकाश शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने इस समझौते को असत्यापित मानते हुए नामांतरण वाद खारिज कर दिया था। लेकिन अब उन्हें धमकियां दी जा रही हैं कि अगर उन्होंने मामले को आगे बढ़ाया तो जान से मार दिया जाएगा।
एसएसपी के आदेश पर थाना नौचंदी में देवकी, रजनी, मेघा, फाल्गुनी, विशाखा और इला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जा
एगी।









