उत्तर प्रदेशबहराइच

निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेज़ी लाएं कार्यदायी संस्थाएं: जिलाधिकारी

770 निर्माण कार्य उ.प्र. जल निगम (ग्रमीण) द्वारा कराया जा रहा हैं।

बहराइच। जनपद में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत रू. एक करोड़ से अधिक लागत के निर्माण कार्यों/सीएमआईएस अन्तर्गत माह मार्च की प्रगति की समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मोनिका रानी की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई। जनपद में कुल रू. 7115.72.28 करोड़ की लागत से विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत रू. एक करोड़ से अधिक लागत के कुल 998 परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की समीक्षा में पाया गया कि अब तक कुल रू. 3407.08 करोड़ की धनराशि व्यय कर अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष 89 प्रतिशत वित्तीय प्रगति प्राप्त किया गया हैं तथा कुल 205 निर्माण कार्य पूर्ण हो गये हैं, शेष निर्माणाधीन हैं। बैठक में बताया गया कि कुल 998 परियोजनाओं में से नमामि गंगे तथा ग्रामीण जलापूर्ति योजनान्तर्गत कुल 770 निर्माण कार्य उ.प्र. जल निगम (ग्रमीण) द्वारा कराया जा रहा हैं। जिसमें से 74 प्रतिशत भौतिक प्रगति प्राप्त की गयी हैं तथा कुल 50 निर्माण कार्य पूर्ण हो गया।

डीएम ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि विभाग अन्तर्गत संचालित निर्माणाधीन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के लिये अगले माह में स्वंय निरीक्षण करें तथा निर्माण कार्य की प्रगति का नियमित रूप से अनुश्रवण करते रहें। कार्यउायी संस्थाओं को निर्देश दिया गया कि सीएमआईएस पोर्टल पर अपने निर्माण कार्यों की फीडिंग अनिवार्य रूप से अद्यतन रखें तथा जो कार्य भी कार्य लय रहें उनकी नियमित मानीटरिंग भी की जाय। भूमि सम्बन्धी मामलों में कार्यदायी संस्था व विभागीय अधिकारी मात्र पत्राचार ही न करें बल्कि सम्बन्धित उपजिलाधिकारी से स्वयं मिलकर भूमि का चिन्हाकंन शीघ्र करा लें। डीएम ने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं की भौतिक प्रगति 85 प्रतिशत या इससे अधिक है, उन्हें आगामी माह तक अवश्य पूर्ण कर लिया जाय।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, डीएफओ बहराइच अजीत प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी गौरव रंजन श्रीवास्तव, डीडीओ राजेश कुमार, डीआईओएस मनोज कुमार अहिरवार, बीएसए आशीष कुमार, एडीएसटीओ अर्चना सिंह, ईओ नगर पालिका प्रमिता सिंह, डीएचआईओ बृजेश सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी, सम्बन्धित एसडीएम, बीडीओ जनपद स्तरीय अधिकारी व अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।

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