*खंडवा पुलिस द्वारा पिछले 15 दिनों मे समस्त न्यायालय मे विचाराधीन 182 प्रकरण का अभियोजन अधिकारी से समन्वय कर निराकरण करवाया गया।*
*कुल 08 प्रकरण मे आरोपी को 03 माह के कारावास से आजीवन कारावास तक कि सजा एवं 10,000₹ तक के अर्थ दंड कि सजा से दण्डित किया गया।*
*कुल 68 प्रकरण मे न्यायालय उठने तक एवं 500₹ से 7000₹ तक के अर्थ दंड से दंडित किया गया।*
जिला खंडवा
खंडवा पुलिस द्वारा लगातार न्यायालय मे विचाराधीन प्रकरण का निराकरण अभियोजन अधिकारी से समन्वय कर समय पर साक्षी के कथन करवाए जाकर शीघ्र निराकरण कराया जा रहा है।
इसी क्रम मे खंडवा पुलिस द्वारा पिछले 15 दिन मे समस्त माननीय न्यायालय द्वारा पुलिस एवं अभियोजन अधिकारी के समन्वय से साक्षी को समय पर माननीय न्यायालय उपस्थित करवाकर कुल 182 प्रकरण का शीघ्र निराकरण करवाया गया।
जिसमे *गंभीर अपराध मे*:-
(01) *थाना मोघट रोड* के हत्या एवं हत्या के प्रयास के प्रकरण मे आरोपी करण को आजीवन कारावास एवं 5000₹ के अर्थ दंड से दंडित किया गया।
*महिला सम्बन्धित अपराध मे*:-
(02) *थाना पंधाना* के नाबालिक का अपहरण कर गलत काम करने वाले आरोपी विनोद को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 4000₹ के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।
(03) *थाना मान्धाता* के नाबालिक का अपहरण कर गलत काम करने वाले आरोपी विनोद को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 6000₹ के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।
(04) *थाना हरसूद* मे दहेज कि मांग कर पत्नी को प्रताड़ित करने वाले आरोपी कुवरसिंह उर्फ़ बबलू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10,000₹ के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।
*अन्य अपराध मे*:-
(05) *थाना खालवा* मे नकली नोट रखकर उपयोग करने वाले आरोपी राकेश पिता देविशंकर को 10 वर्ष के सश्रम करावास एवं 10,000₹ के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।
(06) *थाना पदमनगर* के मारपीट के अपराध मे आरोपी रवि एवं अन्य को 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 600-600₹ के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।
(07) *थाना खालवा* के मारपीट कर जान से मारने कि धमकी देने वाले आरोपी मंगल को 06 माह के कारावास एवं 1000₹ के अर्थ दंड से दंडित किया गया।
(08) *थाना पदमनगर* के मारपीट कर जान से मारने कि धमकी देने वाले आरोपी ब्रजलाल पटेल को 03 माह के कारावास से दंडित किया गया।
इसके अलावा समस्त माननीय न्यायालय द्वारा आबकारी एक्ट, जुआ एक्ट, सट्टा एक्ट एवं अन्य कुल 52 प्रकरण मे आरोपी को न्यायालय उठने तक एवं 500₹ से 7000₹ तक के अर्थ दंड से दण्डित किया गया।













