
हस्तिनापुर की पावन धरा पर ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ संपन्न: सामाजिक समरसता और सनातन धर्म के संरक्षण का गूंजा शंखनाद
हस्तिनापुर (मेरठ)। ऐतिहासिक नगरी हस्तिनापुर के एस.डी. पब्लिक स्कूल के प्रांगण में आज ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के आगामी शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस सम्मेलन में लगभग 715 राष्ट्रप्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में समाज को संगठित करने, पर्यावरण संरक्षण और सनातन संस्कृति की रक्षा का संकल्प लिया गया।
📍 मुख्य संबोधन: शताब्दी वर्ष और पंच परिवर्तन
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मनीष जी (विभाग संयोजक, ग्राम विकास गतिविधि, मेरठ) ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शताब्दी वर्ष का वास्तविक उद्देश्य समाज में सामाजिक समरसता स्थापित करना है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और ‘स्व’ के भाव को जागृत करने पर जोर दिया ताकि भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन हो सके।
📍 लव जिहाद और सनातन धर्म पर प्रहार
विश्व प्रसिद्ध कथावाचक डॉ. विश्वेश्वरी देवी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने अपने ओजस्वी भाषण में हिंदू धर्म और सनातन परंपराओं की महत्ता बताई। उन्होंने वर्तमान चुनौतियों जैसे ‘लव जिहाद’ पर तीखा प्रहार करते हुए हिंदू समाज को जागरूक रहने और अपनी बेटियों को संस्कारवान बनाने का आह्वान किया।
📍 प्रमुख उपस्थिति एवं नेतृत्व
अध्यक्षता: कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत हस्तिनापुर की अध्यक्ष बहन सुधा खटीक जी ने की।
मंच संचालन: कार्यक्रम का कुशल संचालन मुकेश ठाकुर जी द्वारा किया गया।
विशेष विचार: गौरव गुर्जर जी ने भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जुड़ने हेतु अपने विचार साझा किए।
🤝 आयोजन समिति और सम्मान समारोह
सम्मेलन को सफल बनाने में कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष बालमुकुंद बत्रा जी, उपाध्यक्ष मनोज अहलावत जी, जे.पी. बैसला जी, डॉ. नंदकिशोर जी, विद्यासागर जी, अनुज शर्मा जी, रविंद्र आचार्य जी, नीरज कामदार जी, सतीश छावड़ा जी, अरिहंत सैनी जी और बिन्नु जी का विशेष सहयोग रहा।
साधु-संतों का सम्मान:
कार्यक्रम के अंत में हरविंद्र छाबड़ा, दिवाकर कौशिक, अमित ढाका और उनकी टीम ने कार्यक्रम में पधारे सभी पूज्य साधु-संतों को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया और सम्मानित किया।










