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कुशीनगर में बेमौसम बारिश किसानों की फसल पर संकट, चिंता बरकरार

कुशीनगर जिले में आज सुबह से रुक-रुककर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अक्टूबर का महीना धान की फसल कटाई का समय होता है, लेकिन लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है

कुशीनगर जिले में आज सुबह से रुक-रुककर हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों के चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। अक्टूबर का महीना धान की फसल कटाई का समय होता है, लेकिन लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया है, जिससे पकी हुई फसल सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है, जो स्थिति को और जटिल बना सकती है।
मौसम का बदलाव: सुबह से हो रही रुक-रुककर बारिश ने अचानक ठंडक का एहसास कराया है। तापमान सामान्य से 4-5 डिग्री नीचे लुढ़क गया, जो लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है। हालांकि, यह राहत किसानों के लिए अभिशाप साबित हो रही है।
फसलों पर नुकसान: धान के खेतों में पानी भरने से पकी फसलें खराब होने लगी हैं। कई जगहों पर किसान फसल को बचाने के लिए तत्पर हैं, लेकिन लगातार बारिश ने मड़ाई और कटाई के काम को ठप कर दिया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान ही प्रमुख फसल है, और इस क्षेत्र में पहले ही मानसून की अनियमितता ने किसानों को परेशान किया था।
किसानों की परेशानी: स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि बारिश अगले कुछ दिनों तक जारी रही, तो नुकसान लाखों रुपये का हो सकता है। एक किसान ने बताया, “फसल तैयार थी, लेकिन अब पानी से सब बर्बाद हो रहा है।

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