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जानलेवा हमला करने वाले दामाद को 10 साल की सजा, तीन रिश्तेदारों को किया था गंभीर घायल

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने सुनाया फैसला

गौरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम धनौली में अपने ही ससुराल वालों पर जानलेवा हमला करने वाले आरोपी दामाद को न्यायालय ने कड़ी सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी धरम कोल को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।

आरोपी धरम कोलघटना 29 सितंबर 2025 की है, जब आरोपी धरम कोल अपने ससुराल ग्राम धनौली पहुंचा था। वहां घरेलू विवाद को लेकर उसने अपना आपा खो दिया और घर में रखी टंगिया (कुल्हाड़ी) से अपनी ही पत्नी की बहन सुकवरिया बाई के सिर पर जोरदार हमला कर दिया। जब बीच-बचाव करने के लिए सुकवरिया के माता-पिता यानी आरोपी के सास-ससुर बुधिया बाई और नानदाऊ कोल सामने आए, तो आरोपी ने उन पर भी टंगिया के धारदार हिस्से से हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया। इस खूनी संघर्ष में तीनों ही लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रार्थी बिहारी लाल कोल की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने मज़बूती से पक्ष रखा और साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आरोपी ने घातक हथियार से जान से मारने की नीयत से हमला किया था। हालांकि, धारा 351(3) के आरोपों में संदेह का लाभ देते हुए उसे दोषमुक्त किया गया, लेकिन धारा 109 (हत्या का प्रयास) के तहत तीन अलग-अलग हमलों के लिए उसे दोषी पाया गया। न्यायाधीश ने आरोपी धरम कोल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 1,000-1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न पटाने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। कोर्ट ने आदेश दिया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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