पीलीभीत। पुलिस ने साइबर अपराध के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक हाई-टेक अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना घुंघचाई पुलिस ने गिरोह के उन दो मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है, जो विदेश में बैठकर ठगी के गुर सीखकर आए थे और भारत में मासूम लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे थे।
भोपाल और दिल्ली से दबोचे गए सरगना
थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) की शिकायतों का पीछा करते हुए दो राज्यों में छापेमारी की:
हर्षित उर्फ तनिश (मुख्य संचालक): इसे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार किया गया।
आशुतोष कुमार उर्फ आशु: इसे दिल्ली के मालवीय नगर से दबोचा गया।
ये दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे, जबकि इनके गिरोह के कुछ सदस्य पहले ही पीलीभीत और उत्तराखंड के रुद्रपुर से जेल भेजे जा चुके हैं।
दुबई कनेक्शन और ठगी का ‘गेमिंग’ मॉडल
पुलिस पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने दुबई में रहकर फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए लोगों को चूना लगाने का विशेष प्रशिक्षण लिया था। भारत लौटने के बाद उन्होंने:
अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए।
ऑनलाइन गेमिंग के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का लालच दिया।
जैसे ही यूजर ऐप डाउनलोड करता, आरोपी उसके बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हैक कर लेते और खाता साफ कर देते।
बरामदगी और पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने इन आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाला भारी मात्रा में डिजिटल सामान बरामद किया है:
07 हाई-टेक स्मार्टफोन।
01 लैपटॉप (जिसमें हजारों लोगों का डेटा होने की आशंका है)।
01 पासपोर्ट और कई संदिग्ध दस्तावेज।
“यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। फिलहाल हम इनके बैंक खातों और लैपटॉप के डेटा को खंगाल रहे हैं ताकि ठगी की कुल रकम और पीड़ितों की सही संख्या का पता लगाया जा सके।” — जयशंकर सिंह, थाना अध्यक्ष, घुंघचाई।
सावधान रहें: किसी भी अनजान गेमिंग ऐप को डाउनलोड न करें और न ही भारी मुनाफे के लालच में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा करें।





