
कुशीनगर जनपद के मोतीचक विकासखंड कार्यालय से प्रशासनिक लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को कार्यालय समय के दौरान विकासखंड में तैनात लेखाकार हरिओम शुक्ला अपनी कुर्सी पर बैठकर गहरी नींद में सोते हुए पाए गए।
इस दौरान वह खर्राटे लेते नजर आए, जबकि उनके हाथ में कलम थी और मेज पर रजिस्टर व फाइलें खुली हुई थीं।यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब आगामी 21 जनवरी 2026 को खंड विकास कार्यालय में क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों की एक अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक की तैयारी को लेकर खंड विकास अधिकारी द्वारा लेखाकार बड़े बाबू को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी आवश्यक अभिलेख और कागजात समय से तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराए जाएं। इसके बावजूद कार्यालय में मौजूद लोगों ने लेखाकार को सोते हुए देखा, जिससे न केवल सरकारी कामकाज की गंभीरता पर प्रश्न उठे हैं, बल्कि आम जनता के विश्वास को भी गहरी ठेस पहुंची है।

सूत्रों के अनुसार यह पहली बार नहीं है जब मोतीचक विकासखंड कार्यालय में इस तरह की लापरवाही सामने आई हो। कर्मचारियों की उदासीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पूर्व में भी कई बार विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित होती रही है। ऐसे में एक महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले इस प्रकार की लापरवाही प्रशासनिक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है।
जब इस पूरे मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी मोतीचक से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में मौजूद नहीं थीं और क्षेत्र में निरीक्षण पर थीं। उन्होंने कहा कि कार्यालय पहुंचते ही पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाएगा, या फिर यह प्रकरण भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। जनता की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों को सम्मान और लापरवाह कर्मचारियों को सख्त संदेश देने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।









