
“पंधाना खंड में संघ शताब्दी वर्ष में निकला बाल स्वयं सेवको का संचलन…”
“महापुरुषों के संस्कारों को अपने जीवन में आत्मसात कर , बाल्यकाल से ही शिक्षा एवं संस्कारों का हो नियोजन : मनीष जायसवाल”
पंधाना : पंधाना खण्ड के पंधाना नगर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक के शताब्दी वर्ष हेतू बाल पथ संचलन पंधाना हाई स्कूल से निकाला गया…संचलन से पूर्व मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित जिला सहकार्यवाह मनीष जायसवाल ने बाल स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए अपने बौद्धिक में कहा कि “इस वर्ष संघ के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, यह हम सभी के लिए गौरव की बात है । आज भारत विश्व में अव्वल स्थान पर है और भारत हर क्षेत्र में उन्नति के रहा है तो इसके पीछे हमारी संस्कृति, हमारा धर्म और हमारे संस्कारों का महत्वपूर्ण योगदान है, संघ की 100 वर्षों की यात्रा का यह सफर संघर्ष और सेवा का प्रतीक रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारे अनेक महापुरुष जिन्होंने अपने राष्ट्र के लिए सर्वस्व जीवन समर्पित कर बचपन से ही उनमें वीरता साहस परिदृश्य समाहित होने लगा था। ”
वैसे ही बाल स्वयं सेवक भी अपने जीवन में समाहित कर राष्ट्र निर्माण के लिए वट वृक्ष होंगे, भगवान श्री राम एवं कृष्ण जिन्होंने बाल्य काल में ही धर्म एवं समाज के लिए कैसे असुरों का संहार किया वैसे ही हम भी महापुरुषों की प्रेरणा को आत्मसात कर अपनी शिक्षा एवं संस्कारों का भी अपने जीवन में नियोजन करें…नित्य शाखा में आने से बालकों का शारीरिक एवं व्यक्तित्व विकास होता है, साथ ही सामूहिक कार्य करने का व्यवहार विकसित होता है…शाखा से पल्लवित होने वाले संस्कार व्यक्ति के साथ जुड़कर सशक्त समाज के निर्माण में सहभागी होते हैं…”
कार्यक्रम में अध्यक्ष के रूप में पंधाना नगर के रमेश जी महाजन मंचासिन रहे , कार्यक्रम देखने के लिए स्थानीय ग्रामवासी भी उपस्थित हुए…
बौद्धिक के उपरांत संचलन शुरू हुआ जिसमें सैकड़ों बाल स्वयंवेक पूर्ण अनुशासन में नगर के मुख्य मार्गों पर कदमतलाल करते हुए निकला जो हाई स्कूल मैदान पंधाना से शुरू होकर बस स्टैंड, ,शिव चौक, गांधी चौक, आरुद रोड, महाजन मोहल्ला से त्रिवेणी चौक होते हुए पुनः हाई स्कूल पर समापन हुआ।











