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राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला पंचायतों में निवर्तमान सरपंच होंगे प्रशासक

प्रदेश की 3,858 पंचायतों का कार्यकाल पूरा 14 अक्टूबर की आधी रात से कार्यकाल खत्म

जयपुर, 14 अक्टूबर 2025।
राजस्थान सरकार ने पंचायती राज अधिनियम के तहत महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिन ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 15 अक्टूबर 2025 तक समाप्त हो रहा है और अपरिहार्य कारणों से चुनाव नहीं हो पा रहे हैं, वहां अब निवर्तमान सरपंच को पंचायत प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।
🔹 पंचायतों का संचालन रहेगा सुचारू

राज्य सरकार का यह फैसला ग्राम पंचायतों के कामकाज को निरंतर बनाए रखने और प्रशासनिक शून्यता की स्थिति से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
हर पंचायत में एक प्रशासकीय समिति गठित की जाएगी, जो प्रशासक की सलाहकार भूमिका निभाएगी।
🔹 प्रशासकीय समिति की संरचना
समिति में वही सदस्य शामिल होंगे —

जो कार्यकाल समाप्त होने से पहले उपसरपंच या वार्ड पंच के पद पर थे।
समिति पंचायत के कार्यों में प्रशासक को सलाह और सहयोग देगी।
🔹 प्रशासक के अधिकार और जिम्मेदारियां

निवर्तमान सरपंच, जो अब प्रशासक की भूमिका में रहेंगे,

अधिनियम और नियमों में वर्णित शक्तियों व कर्तव्यों का प्रयोग करेंगे।

सभी प्रशासनिक निर्णय प्रशासकीय समिति से परामर्श के बाद लेंगे।

ग्राम पंचायत के खातों का संचालन प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी (GDO) संयुक्त रूप से करेंगे।

पंचायत की वित्तीय शक्तियों का प्रयोग भी इन्हीं दोनों के पास रहेगा।
कार्यावधि कब तक रहेगी

प्रशासक और प्रशासकीय समिति का कार्यकाल तब तक जारी रहेगा,
जब तक —
1️⃣ नई ग्राम पंचायत का गठन नहीं हो जाता, और
2️⃣ नवगठित पंचायत की प्रथम बैठक आयोजित नहीं होती।
जिला कलक्टरों को अधिकार

राज्य सरकार ने राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, धारा 98 के अंतर्गत
सभी जिला कलक्टरों को निर्देश जारी किए हैं कि वे —

जिन पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वहां
प्रशासक नियुक्त करें तथा
प्रशासकीय समितियां गठित करें।
सरकार का उद्देश्य

यह निर्णय ग्रामीण प्रशासन में निरंतरता बनाए रखने,
विकास कार्यों को बिना रुकावट जारी रखने
और स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए लिया गया है।

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