
हस्तिनापुर में श्रीमद् भागवत कथा सह कलशयात्रा के साथ शुभारंभ हुआ।
कलश यात्रा श्री बाल योगी संत श्री पचौरी जी महाराज के नेतृत्व में हरी झंडी दिखाकर श्री कृष्ण मंदिर से प्रारंभहुई। कलश यात्रा का शुभारंभहस्तिनापुर नगर पंचायत अध्यक्ष सुधा खटीक द्वारा किया गया। कलशयात्रा में बड़ी संख्या में महिला पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। पवित्र क़लश यात्रा कलश पूजन के उपरांत श्री कृष्ण मंदिर हस्तिनापुर से से कलश में जल भर कर लाने के बाद कथा आयोजन स्थल पर धार्मिक विधि एवं मंत्रोच्चरण के साथ स्थापित किया गया। इस दौरान संत पचौरी जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को सर्वप्रथम भागवत कथा की महिमा से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विश्व में सभी कथाओं में श्रीमद्
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भागवत कथा को श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। इसका सुनने एवं आयोजन कराने का सौभाग्य भी प्रभु प्रेमियों को ही मिलता है। ऐसे में अगर कोई दूसरा अन्य भी इसे गलती से भी श्रवण कर लेता है, तो भी वो कई पापों से मुक्ति पा लेता है। इसलिए सात दिन तक चलने वाली इस पवित्र कथा को श्रवण करके अपने जीवन को सुधारने का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। अगर कोई सात दिन तक किसी व्यवस्तता के कारण
नहीं सुन सकता है, तो वह दो तीन या चार दिन ही इसे सुनने के लिए अपना समय अवश्य निकालें। सात दिवसीय कथा 6 सितंबर से 12 सितंबर तक चलेगी। कथा के अंतिम दिन यानि 13 सितम्बर को गायत्री महायज्ञ एवं हवन विसर्जन के साथ प्रसाद वितरण किया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु व श्रोताओं को जरूर आने की अपील की गयी है। क़लश यात्रा में मुख्य रूप से डॉ भूपेंद्र चौधरी, डीडी त्यागी, पंडित नरेश चंद्र शर्मा, डॉ सुनील त्यागी आदि शहर के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






