
बहराइच । प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजनार्न्तगत नेशनल प्रोजेक्ट आन स्वायल हेल्थ एण्ड फर्टिलिटी योजना के अर्न्तगत जनपद के प्रत्येक विकासखण्डों के चयनित 20 ग्राम पंचायतो में मृदा नमूना एकत्रीकरण हेतु अभियान चलाकर खरीफ सीजन के कुल लक्ष्यों को तिथिवार शत-प्रतिशत मृदा नमूना संकलन का कार्य पूर्ण किया जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम के सफल संचालन एवं लक्ष्य की पूर्ति हेतु मा. कृषि मंत्री जी उत्तर प्रदेश सरकार एवं प्रमुख सचिव कृषि महोदय उ0प्र0 शासन लखनऊ से प्राप्त आदेश के अनुपालन में मृदा नमूना संकलन हेतु विशेष अभियान के कुशल क्रियान्वयन के लिए सहायक निदेशक (कम्प्यूटर एवं समन्वय) कृषि भवन लखनऊ को जनपद का नोडल अधिकारी नामित किया गया था उक्त नामित नोडल अधिकारी के समक्ष जनपद की एक उच्च उत्पादकता एवं एक निम्न उत्तादकता वाली ग्राम पंचायतो में मृदा नमूना सग्रहित कराया गया साथ ही जनपद के दो कृषि विज्ञान केन्द्रो के प्रक्षेत्रो का नमूना ग्रहित किया गया उक्त अभियान में जनपदीय नोडल अधिकारी के साथ अधोहस्ताक्षरी एवं जिला कृषि अधिकारी बहराइच, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी,कैसरगंज, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी नानपारा द्वारा मृदा नमुना ग्रहित कराया गया साथ जनपद में भूमि सरक्षण अधिकारी एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं अन्य विभागीय अधिकारीयो के देखरेख में जनपद के चयनित ग्राम पंचायतो में मृदा नमूना अभियान का सफल संचालन किया गया, अभियान के दौरान जनपद के 196 ग्राम पंचायतो से कृषको के खेतो से 9539 नमूने ग्रहित किए गये।

उपरोक्त के क्रम में उप कृषि निदेशक विनय कुमार वर्मा ने बताया कि भूमि की उर्वरा शक्ति नापने का माध्यम मिट्टी की जांच कराने से ही पता चलता है मिट्टी जाच कराने से मृदा में कौन से तत्वो की कमी है जिसके कारण उत्पादन बढ नही रहा है, मृदा परीक्षण के आधार पर ही पोषक तत्वो का उपायोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है,उन्होने चयनित 280 ग्राम पंचायतो के कृषको से अनुरोध किया है कि कृषक भाई अपने खेत के मिट्टी की जाच करा कर कम लागत में मृदा स्वास्थ्य कार्ड में मिट्टी की जांच के उपरान्त संस्तुति के आधार पर रासायनिक उर्वरक का प्रयोग कर कम लागत में फसल उत्पादन बढाये एवं लाभान्बित हों।







