
सबसे शक्तिशाली मंत्र णमोकार है जिसका जाप करने से सभी संकट पीडायें दूर होती हैं, मुनि श्री प्रणेय सागर

धार्मिक उत्साह के साथ प्रणेय सागर, सर्वार्थ सागर, सौम्य सागर महाराज का खंडवा में हुआ मंगल प्रवेश,
मुनि संघ का हुआ खण्डवा में मंगल प्रवेश,आर्यिका संघ ने की मंगल अगवानी
जैन संत जीवन जीने की नहीं,मरने की कला सिखाते है–प्रणेय सागर जी
खंडवा।। समाज का सौभाग्य और पुण्य है कि आपको चतुरविद मुनि संघ के दर्शन का लाभ प्राप्त हो रहा है।जीवन को कैसे जीना है जैन धर्म हमें बताता है जीने की कला तो आप सब खुद सिख लोगे पर जीवन के बाद मरने की कला है वो हम लोग सीखाने हम आये है, जैन धर्म में जन्म से ज्यादा मोक्ष को महत्व दिया गया है ये उद्गार नवकर नगर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश पर प्रवचन देते हुए प्रणेय सागर जी महाराज में व्यक्त किये महाराज जी ने कहा की बच्चों को मोबाईल तो आप खुद गिफ्ट करते हुए खुश होते हो और जब बच्चा को मोबाइल की लत्त पड़ जाती है तो मोबाइल को छुड़वाने के लिए साधु संतों की शरण मे आकर बोलते हो की बच्चों की मोबाइल की लत्त छुड़वा दो और बच्चों का दुश्मन हमें बनाते हो। जैन समाज के हर घर मे नवकार मंत्र पढ़ा जाता है इसलिए जैन समाज सम्पन्न समाज कहलाता है।जीवन मे सबसे शक्तिशाली मंत्र कोई है तो वो नवकार मंत्र है।जब घर मे सुबह उठकर नवकार मंत्र पढ़ोगे तो जीवन सफल होगा और मरण समय मे नवकार मंत्र सुन लिया तो मरण भी सफल हो जाएगा, हमारे कार्य सफल तब ही होंगे जब मन शांत होगा,और जब मन मे कोई हलचल मच जाए तो कार्य सफल नही होगा। समाज के सचिव सुनील जैैन ने बताया कि शुक्रवार को प्रातः मुनि श्री प्रणेय सागर,सवार्थ सागर,सौम्यसागर महाराज का मंगल प्रवेश हुआ, खंडवा में विराजमान माताजी संघ एवं समाज जनों ने मुनि संघ की अगवानी की, बैंड बाजे के साथ मुनि संघ शहर के प्रमुख मार्गो से होकर नवकार नगर जैन मंदिर पहुंचा, मंगल प्रवेश के अवसर पर मुनि श्री सर्वार्थ सागर महाराज ने कहा कि जिसको जीवन मे सफलता पाना है वो नियम ले ले कि प्रतिदिन मंदिर में जाकर अभिषेक पूजा पाठ करूंगा एवं घर के बड़े का आशीर्वाद लूंगा तो देखना निश्चित ही आपको सफलता मिलेगी।घर मे शांति तभी आएगी जब आप घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद लोगे। हमे तो आज खण्डवा में प्रवेश करते हुए ऐसा लगा कि आज ही महावीर जयंती है ऐसा उत्साह यहा के श्रावकों में था फिर ऐसा लगा की अपने चातुर्मास की अगवानी आज हो रही है। पंचमकाल का जो चमत्कार है वह यही चमत्कार है की दिगंबर साधुओं के साक्षात दर्शन प्राप्त हो रहे हैं, जीवन को सफल बनाने के लिए अपने कल्याण के लिए दिगम्बर साधु की शरण मे चले जाओ आपके ताप,संताप,पाप सब मिट जाएंगे।इस अवसर पर खंडवा में विराजमान श्रमणी आर्यिका विदुषी श्री माताजी ने संबोधित करते हुए कहा कि बड़े अंतराल के बाद निर्ग्रन्थ साधुओं के दर्शन प्राप्त हुए हैं।ये संत नही ये तो भगवंत है, मुझे तीर्थकरों के दर्शन की इच्छा है, संत का दर्शन करना भाग्य है,संत के निकट पहुँच जाना सौभाग्य है,संत की सेवा करना अहो भाग्य है और संत जैसा बन जाना ये परम भाग्य है ये सामान्य संत नहीं पंचम काल के चलते फिरते तीर्थंकर है भगवान महावीर को तो हमने नही देखा पर निर्ग्रन्थ साधुओं को देखते हैं तो भगवान महावीर के साक्षात दर्शन होते हैं इसने कोई दो राय नही है।माताजी ने सभी उपस्थित श्रावको से आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के सानिध्य में इंदौर सुमतिधाम में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सह परिवार शामिल होने का अनुरोध किया।
उल्लेखनीय है कि आगामी मई माह में इंदौर के सुमतिधाम में दिगम्बर जैन सन्तो का सबसे बड़ा महाकुम्भ आयोजित किया जा रहा है।जिसमे देश भर से लगभग 500 से अधिक दिगम्बर जैन आचार्य,उपाध्याय ,मुनि,आर्यिका माताजी, ब्रम्हचारी भैया एवम दीदियों के उपस्थित होने की सम्भावना है।अभी नगर नगर विहार कर रहे लगभग सभी मुनि संघ सुमतिधाम पहुचेंगे।
मुनि सेवा समिति के सुनील जैन प्रेमांशु चौधरी ने बताया की मुनि संघ के प्रवेश पर श्रमण प्रणेय सागर जी महाराज ससंघ के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य श्रीमती सुधा सुभाष सेठी परिवार को प्राप्त हुआ।विदुषी श्री माताजी संघ के पाद प्रक्षालन करने का सौभाग्य धनपाल जी कासलीवाल परिवार को प्राप्त हुआ,महाराज जी को जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य आलोक सेठी परिवार को प्राप्त हुआ।वही माताजी को जिनवाणी भेंट करने का सौभाग्य वॉइस ऑफ विस्मिता श्री ग्रुप को प्राप्त हुआ।कार्यक्रम का संचालन प्रदीप छाबड़ा ने किया ।मंगलाचरण गीत नीता लुहाड़िया ने प्रस्तुत किया। मुनिसंघ नवकार नगर स्थित संत निवास में विराजमान है, प्रतिदिन मंगल प्रवचन प्रातः 8:30 बजे से एवं दोपहर 3:00 से 4:00 बजे तक स्वाध्याय एवं शाम 7:00 बजे गुरु भक्ति आरती आयोजित होगी,
इस अवसर पर वीरेंद्र भटयाण, दिलीप पहाड़िया, विजय सेठी ,कैलाश पहाड़िया ,सुनील जैन,प्रेमांशु चौधरी,पंकज छाबड़ा, प्रदीप कासलीवाल,अशोक पाटनी,पंकज सेठी ,मनीष पाटनी, राजेन्द्र छाबड़ा,डॉ पंकज जैन,सुलभ सेठी,तरुण गंगवाल,अविनाश जैन,अतुल जैन,अर्पित जैन,पवन जैन,संदीप जैन,कल्याणमल जैन,विपुल छाबड़ा,विकास बड़जात्या,कांतिलाल जैन,सौरभ जैन,गौरव जैन,मनीष जैन,आनंद जैन ,समर्पण जैन ,मनीष सेठीसहित समाजजन उपस्थित थे।












