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शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य करना अनुचित

शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य करना अनुचित

 

बिलाईगढ़, सारंगढ़ में राज्य उत्सव पर शिक्षक की ड्यूटी लगाई गयी जिला प्रशासन के लापरवाही पूर्ण व्यवस्था के चलते फ्लेक्स लगाते समय विद्युत करंट से एक संकुल समन्यवक को जान से हाथ धोना पड़ा ऐसे कई कार्य है जिसमे आये दिन शिक्षकों की ड्यूटी लगा दिया जाता है किसी भी अन्य विभाग के कार्य को पूरा करवाने जब चाहे प्रदेश के हर जिलों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर काम लिया जाता है जोकि बिल्कुल भी उचित नही है शासन के द्वारा समय समय पर शिक्षकों को गैर शिक्षकीय कार्य से मुक्त रखने के आदेश जारी होते रहें है लेकिन वह आदेश केवल औचारिक और खाना पूर्ति बस साबित हुआ है।

जबकि आज के स्थिति में एक शिक्षक शिक्षकीय कार्य सम्पादित करने में गैर शिक्षकीय कार्य बहुत बड़ी बाधा है,गैर शिक्षकीय कार्य के चलते शाला संचालन और विभिन्न गतिविधियों में बहुत समस्या होती है।

  1. विजेंद्र चौहान प्रदेश संयुक्त सचिव जिला सहायक शिक्षक /समग्र शिक्षक फेडरेशन ने मांग की है कि दिवंगत परिवार को शासन तत्काल राहत राशि 5 करोड़ के साथ दिवंगत शिक्षक के आश्रित को शिक्षक के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करें।साथ ही जिला प्रशासन को एक सख्त आदेश जारी करे की शिक्षकों से गैर शिक्षकीय कार्य पर प्रतिबंध हो।शिक्षक हमेशा राष्ट्रीय कार्यो में बढ़ चढ़कर अपना योगदान देता आया है और आगे देंगे भी लेकिन कुछ वर्षों से शिक्षकों से जनपद,स्वास्थ, राजस्व सहित विभिन्न विभागों के कार्य करने के लिए आदेशित कर उनको उनके मूल कार्य से पृथक किया जा रहा है जो कि सर्वथा अनुचित है।

सहायक/समग्र शिक्षक फेडरेशन मांग करती है कि शिक्षकों को किसी भी प्रकार के गैरशिक्षकीय कार्य से पृथक रखे उनको शिक्षकीय कार्य ही लिया ।

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