
मुआवजे में भेदभाव का आरोप: हाईटेंशन टावर पर डटा किसान, कांग्रेस संगठन ने दिया समर्थन
प्रशासन तथा टावर लाइन कंपनी मुआवजा वितरण में कर रही है भेदभाव “उत्तमपाल सिंह”
खंडवा/सुलगांव (मांधाता)
जिले की मांधाता विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सुलगांव-घोसली में हाईटेंशन टावर के मुआवजे को लेकर किसान का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। ग्राम घोसली निवासी रविंद्र सिंह सोलंकी अपने खेत में बने हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान का आरोप है कि वर्ष 2021 में टावर का निर्माण होने के बावजूद वर्ष 2026 तक उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा नहीं मिला।
सरकारी गाइडलाइन के अनुसार मुआवजे की मांग
टावर पर बैठे रविंद्र सिंह सोलंकी का कहना है कि वह किसी अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि सरकार की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार भूमि और फसल नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और संबंधित कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
मुआवजे में भेदभाव का आरोप
प्रदर्शनकारी किसान और उनके समर्थकों का आरोप है कि टावर लाइन से प्रभावित किसानों को अलग-अलग मुआवजा दिया गया है। उनका कहना है कि एक ही परियोजना में कुछ किसानों को अधिक और कुछ को बेहद कम राशि देकर भेदभाव किया गया है, जिससे प्रभावित किसानों में नाराजगी है।
कांग्रेस ने दिया समर्थन
जिला कांग्रेस प्रवक्ता प्रेमांशु जैन ने बताया कि मंगलवार 30 जून को इस मामले ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर किसान को समर्थन दिया और प्रशासन तथा टावर लाइन कंपनी पर मुआवजा वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया।श्री सिंह का कहना है कि पूर्व में सुलगांव क्षेत्र में हुए आंदोलन के दौरान पांच टावरों के लिए करीब 27 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था, जबकि वर्तमान में एक टावर से प्रभावित किसान को मात्र 1.50 लाख रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
विधायक से हस्तक्षेप की मांग
उत्तमपाल सिंह ने मांधाता विधायक से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर प्रभावित किसान को न्याय दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और सभी प्रभावितों को एक समान नियमों के तहत मुआवजा मिलना चाहिए।
किसान संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी सहित अन्य किसान संगठनों ने भी प्रभावित किसानों का समर्थन करते हुए प्रशासन से नई गाइडलाइन के अनुसार उचित मुआवजा देने और समस्या का समाधान होने तक टावर लाइन से जुड़े कार्य स्थगित रखने की मांग की है। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रशासन की चुनौती बढ़ी
किसान के लगातार तीसरे दिन भी टावर पर डटे रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसान से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। किसान की सुरक्षा और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह के साथ,भोलेनाथ मुकाती मंडल अध्यक्ष, जमील मलिक जिला उपाध्यक्ष ,बुदुल गोहर, इंदरसिंह सोनघरे रियाज खान,पवन सिसोदिया सहित अन्य किसान एवं रहवासी मौजूद थे।











