
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वन विभाग में चर्चित गोबर खाद घोटाले को लेकर विभाग ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। मरवाही वन परिक्षेत्र में पदस्थ रहे तत्कालीन रेंजर एवं वनक्षेत्रपाल रमेश कुमार खेरवार को निलंबित कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वनबल प्रमुख छत्तीसगढ़ द्वारा जारी आदेश के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार गोबर खाद खरीदी, कैंपा शाखा के कार्यों और अन्य योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, संदिग्ध भुगतान और सरकारी राशि के दुरुपयोग के संकेत मिलने पर यह कार्रवाई की गई है।
बताया जा रहा है कि रमेश कुमार खेरवार 14 अगस्त 2023 से 28 दिसंबर 2025 तक मरवाही वन परिक्षेत्र में पदस्थ रहे। इस दौरान गोबर खाद खरीदी और कैंपा से जुड़े कार्यों में लगातार गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही थीं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों, संदिग्ध प्रमाणकों और अवैध भुगतान के जरिए सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच अभी जारी है।
इससे पहले कैंपा शाखा प्रभारी एवं लेखापाल भूपेंद्र साहू को भी निलंबित किया जा चुका है। उन पर फर्जी प्रमाण-पत्रों और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर राशि आहरित करने का आरोप है। विभागीय जांच में करीब 14 लाख 77 हजार रुपये के अवैध लेखा समायोजन और फर्जी एलओसी तैयार करने का मामला सामने आया था।
लगातार दूसरी कार्रवाई के बाद जीपीएम वन विभाग में हलचल तेज हो गई है। विभाग के भीतर इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच केवल निलंबन तक सीमित रहेगी या पूरे मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।











