
कुशीनगर। हाटा तहसील क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मतदाता सूची से नाम कटवाने में फार्म नंबर-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर समाजवादी पार्टी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी मुद्दे को लेकर सपा के पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाटा कोतवाली पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और पुलिस को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया की आड़ में भाजपा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता फार्म-7 का दुरुपयोग कर विशेष समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था पर चोट है, बल्कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को भी कमजोर करने की साजिश है। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
मामला नगर पालिका हाटा के वार्ड नंबर-23 बाजार खास से जुड़ा है। वार्ड निवासी सैफुद्दीन आलम ने जिलाधिकारी कुशीनगर को प्रार्थना पत्र देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत के अनुसार, संबंधित बीएलओ द्वारा SIR प्रक्रिया के तहत फर्जी तरीके से फार्म नंबर-7 भरवाकर 32 जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई। आरोप है कि यह कार्रवाई एक विशेष समुदाय को निशाना बनाकर की गई, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है।
पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि फार्म-7 भरने का अधिकार केवल अधिकृत अधिकारियों को है, ऐसे में किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता द्वारा फार्म भरना पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और उन्हें फर्जी मामलों में फंसाकर एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। राधेश्याम सिंह का दावा है कि इन तथ्यों की पुष्टि स्वयं हाटा विधायक द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से की जा चुकी है।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि उनके किसी भी कार्यकर्ता को जेल भेजा गया, तो वे स्वयं उसके साथ जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व अन्य दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल SIR प्रक्रिया से जुड़ा यह विवाद जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं, वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे को लेकर तीखी बयानबाजी जारी है।









