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गणतंत्र दिवस पर शहीद सत्यवान सिंह की प्रतिमा का अनावरण, पत्नी के आंसुओं ने नम कीं आंखें

कुशीनगर।गणतंत्र दिवस का दिन… तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति का जज़्बा। लेकिन कुशीनगर जनपद के रामपुर सोहेरौना गांव में यह दिन सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि गर्व और गहरे दर्द का संगम बन गया। यहां अमर शहीद सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर सत्यवान सिंह सेथवार की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह पल जितना गौरवशाली था, उतना ही भावुक भी।

कुशीनगर।गणतंत्र दिवस का दिन… तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और देशभक्ति का जज़्बा। लेकिन कुशीनगर जनपद के रामपुर सोहेरौना गांव में यह दिन सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि गर्व और गहरे दर्द का संगम बन गया। यहां अमर शहीद सीआरपीएफ सब-इंस्पेक्टर सत्यवान सिंह सेथवार की प्रतिमा का अनावरण किया गया। यह पल जितना गौरवशाली था, उतना ही भावुक भी।
प्रतिमा अनावरण का कार्यक्रम जैसे ही शुरू हुआ, पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया। मंच पर जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, शहीद के परिजन और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। जैसे ही प्रतिमा से पर्दा हटा, गांव ‘भारत माता की जय’ और ‘शहीद सत्यवान अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। हर चेहरे पर गर्व था, लेकिन आंखों में नमी भी।
कार्यक्रम का सबसे मार्मिक क्षण तब आया, जब शहीद की पत्नी प्रियंका अपने पति की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने आगे बढ़ीं। प्रतिमा के सामने खड़ी प्रियंका की आंखों से बहते आंसू उस पीड़ा को बयां कर रहे थे, जिसे शब्दों में कहना मुश्किल है। पति से बिछड़ने का दर्द और उनके बलिदान पर गर्व—दोनों भाव एक साथ उनकी आंखों से छलक पड़े। यह दृश्य देख वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
यह कार्यक्रम 26 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया था। प्रतिमा का अनावरण हाटा विधायक मोहन वर्मा और सुकरौली ब्लॉक प्रमुख रंजना पासवान ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और शहीद के परिजनों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
प्रतिमा अनावरण के बाद पूरे गांव में देशभक्ति का माहौल छा गया। हर कोई शहीद की कुर्बानी को नमन करता दिखा। ग्रामीणों ने कहा कि सत्यवान सिंह सिर्फ उनके गांव के नहीं, बल्कि पूरे देश के सपूत थे।
शहीद सत्यवान सिंह सेथवार रामपुर सोहेरौना गांव के निवासी थे। वे सीआरपीएफ की 134वीं बटालियन में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। 13 जून 2025 की शाम ओडिशा में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान वे एक आईईडी विस्फोट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए राउरकेला स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 14 जून 2025 को इलाज के दौरान उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुकरौली ब्लॉक प्रमुख रंजना पासवान ने कहा कि यह दिन एक साथ खुशी और गम दोनों का प्रतीक है। एक ओर गणतंत्र दिवस का उत्सव है, तो दूसरी ओर एक वीर सपूत की यादें। उन्होंने शहीद परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
इस मौके पर शहीद की पत्नी प्रियंका ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के बाद कई जनप्रतिनिधियों ने सांत्वना दी और बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन आज तक अधिकांश वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने कहा, “कहने वाले बहुत हैं, करने वाले बहुत कम।” उनके ये शब्द वहां मौजूद लोगों के दिलों को झकझोर गए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हाटा विधायक मोहन वर्मा ने कहा कि शहीद सत्यवान सिंह की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि शहीद के नाम पर गांव में एक प्रवेश द्वार (गेट) और सड़क निर्माण कराया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं सत्ता में रहूं या न रहूं, शहीदों के सम्मान के लिए हमेशा खड़ा रहूंगा। जिस गांव का एक नौजवान देश के लिए शहीद होता है, वह गांव ही नहीं, पूरा देश गौरवान्वित होता है।”
प्रतिमा अनावरण का यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक संदेश भी था—कि शहीदों के सम्मान के साथ-साथ उनके परिवारों की जिम्मेदारी निभाना समाज और शासन दोनों का दायित्व है। शहीद सत्यवान सिंह सेथवार की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति, साहस और बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी।

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