

आखिरकार महाराष्ट्र में महायुति का महाविस्तार हो गया जब रविवार शाम 39 विधायकों को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई गई। मालूम हो कि विधानसभा चुनाव के नतीजे शनिवार 23 नवंबर को घोषित किए गए। इसके 13 दिन बाद मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। जिसके 10 दिन बाद रविवार को आखिरकार कैबिनेट विस्तार का समय मिल गया। रविवर शाम नागपुर के विधान भवन में भाजपा महायुति का महाविस्तार हो गया और राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने 39 विधायकों को मंत्रिपद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। बीजेपी के 19, शिवसेना के 12 और एनसीपी के 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री अजित पवार और एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे। इस बीच कई विधायक मंत्री नहीं बनाये जाने से नाराज बताये जा रहे हैं। आने वाले समय मीन उनकी नाराजगी का क्या असर पड़ेगा ये तो वक्त ही बताएगा।
▶ बीजेपी से इन्होंने ली मंत्री पद की शपथ
बीजेपी से मंत्री पद की शपथ लेने वालों में पंकजा मुंडे, अतुल सावे, चंद्रकांत पाटिल, गिरीश महाजन, राधाकृष्ण विखे पाटिल, संजय सावकारे, नितेश राणे, जयकुमार गोरे, शिवेंद्र राजे भोसले, आशीष शेलार, अशोक उईके, माधुरी मिसाल, पंकज भोईर, मेघना बोर्डिकर, चंद्रशेखर बावनकुल, मंगलप्रभात लोढ़ा, जयकुमार रावल, आकाश पांडुरंग फुंडकर और गणेश नाइक शामिल हैं।
▶ एनसीपी- शिवसेना से इन्होंने ली शपथ
एनसीपी के विधायक हसल मुश्रीफ, दत्तात्रय भरणे, इंद्रनील नाइक, बाबासाहेब मोहनराव पाटील, नरहरि झिरवाल, माणिकराव कोकाटे, अदिति तटकरे और धनंजय मुंडे ने भी मंत्री पद की शपथ ली है।
जबकि शिवसेना से गुलाबराव पाटिल, आशीष जायसवाल, योगेश कदम, संजय शिरसाट, प्रकाश अवितकर, भरत गोगावले, प्रताप सरनाईक, उदय सामंत, संजय राठौड़, शंभू राज देसाई और दादा भूसे ने शपथ ली है।
▶ शिंदे शिवसेना का एक विधायक नाराज
मंत्री पद नहीं मिलने पर भंडारा विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना (शिंदे) के विधायक नरेंद्र भोंडेकर ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए शिवसेना के उपनेता और विदर्भ संयोजक पद से इस्तीफा दे दिया है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही शिंदे गुट मंत्री पद को लेकर नाराजगी दिखा रहा था। दरअसल शिंदे गुट में कई लोग मंत्री पद के इच्छुक थे।
• कैबिनेट में ढाई साल का फॉर्मूला
सूत्रों की मानें तो इस बार महायुति में ढाई साल का फॉर्मूला तय किया गया है। इसलिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने मंत्रियों से हलफनामा लिखवाकर लिया है कि वे ढाई साल बाद मंत्री पद छोड़ देंगे। वहीं शिंदे की शिवसेना में पिछली सरकार में रहे तीन मंत्रियों अब्दुल सत्तार, तानाजी सावंत तथा दीपर केसरकर को नए मंत्रिमंडल में मंत्री पद नहीं मिला है।












