
*सक्षम जिला इकाई की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय*
*सक्षम जिला इकाई बैठक में हर्ष शर्मा ने दिया मार्गदर्शन*
खंडवा। सक्षम मालवा प्रान्त की खण्डवा जिला इकाई की विशेष बैठक का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर सक्षम मालवा प्रान्त के सह सचिव एवं युवा आयाम के प्रमुख हर्ष शर्मा इंदौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।अध्यक्ष नारायण बाहेती ने बताया कि ‘सक्षम’ का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर दिव्यांग जनों को सशक्त बनाना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है। मुख्य अतिथि हर्ष शर्मा ने कहाकि समदृष्टि, क्षमता विकास,एवं अनुसंधान मण्डल सक्षम एक राष्ट्रीय वैचारिक संगठन है।सक्षम संगठन में 7 आयामो व 7 प्रमुख प्रकोष्ठों की स्थापना की गई है।इस अवसर पर हर्ष शर्मा ने अष्टवक्र ऋषि से संबंधित जानकारी दी तथा बताया कि 23 सितम्बर को अष्टवक्र जयन्ति मनाई जाएगी, जिसमें दिव्यांग जनों का विशेष सम्मान भी किया जाएगा। उन्होंने खण्डवा में दिव्यांग सेवा सेंटर खोलने हेतु प्रेरित किया।खण्डवा विभाग कार्यवाह परमानंद पाटिल ने दिव्यांग जन सेवा के क्षेत्र में सामाजिक भागीदारी का आह्वान किया और कहा कि समाज का हर सदस्य दिव्यांग जन सेवा में आगे आए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सहयोग से हर कार्य संभव है।बैठक के प्रारम्भ में संगठन मंत्र का वाचन रोहित पटेल ने,दृष्टिकोण व परिकल्पना उज्ज्वला मुंदड़ा ने,व कल्याण मंत्र रविन्द्र चौहान ने किया।बैठक में
नेत्रदान,देहदान,रक्तदान,दिव्यांगजनों की समस्याओं व समाधान व आगामी कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।कार्यक्रम में संघ के जिला प्रचारक जीवन जी धाकड़, सक्षम के संरक्षक योगेश कोटवाले, जिला इकाई के अध्यक्ष नारायण बाहेती पदाधिकारी राजीव मालवीय, आशा उपाध्याय, अनिल बाहेती, उज्ज्वला मुंदड़ा, गांधी प्रसाद गदले, समाजसेवी सुनील जैन,मधुबाला शेलार, घनश्याम वाधवा, मदन चौधरी, रोहित पटेल, रविन्द्र चौहान,विजय पाटीदार, विज्जय बिल्लोरे,अंजलि शिंदे, आनंद मालाकार सिद्धनाथ पटेल,आदि विशेष रूप से उपस्थित रहे।मुख्य अतिथि हर्ष शर्मा ने संरक्षक योगेश कोटवाले के साथ खण्डवा में संचालित उज्ज्वला केयर सेंटर(मानसिक दिव्यांगजन) व लाल चौकी स्थित दिव्यांग छात्रावास का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम का संचालन रोहित पटेल एवं रविन्द्र ने किया।सक्षम संगठन का लक्ष्य है समाज के वंचित व दिव्यांग जनों के उत्थान में निरंतर कार्य करते हुए उन्हें सशक्त बनाना और समाज के मुख्यधारा से जोड़ना।








