
चौपारण।प्रखंड के मध्यगोपाली स्थित चाणक्य पब्लिक स्कूल के संचालक अर्जुन प्रजापति नेवारी करमा निवासी पर एक छात्रा के साथ कथित रूप से अशोभनीय हरकत करने का आरोप लगने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, छात्रा के परिजनों ने संचालक को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया, जिसके बाद उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। घटना के बाद काफी देर तक क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद संचालक पर छात्रा से विवाह करने अथवा आर्थिक समझौता करने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान पुलिस को एक युवक के अपहरण कर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने की सूचना मिली। सूचना पर पुलिस सक्रिय हुई और संबंधित युवक को थाना ले आई। थाना पहुंचने पर छात्रा के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद मामला कथित अपहरण नहीं बल्कि दूसरे विवाद से जुड़ा हुआ बताया गया।
सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास हुआ। चर्चा है कि पांच लाख रुपये के लेन-देन के आधार पर मामले क़ो रफा दफा किया कर दिया गया। हालांकि, इस कथित समझौते और राशि की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि संबंधित स्कूल बिना यू-डाइस (UDISE) पंजीकरण के संचालित किया जा रहा है। यदि यह सही पाया जाता है तो यह शिक्षा विभाग के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं, सूत्रों के अनुसार संचालक के मोबाइल फोन में व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से कई नाबालिग छात्राओं से बातचीत तथा उन्हें अनुचित दिशा में प्रेरित करने से जुड़े संदेश होने की भी आशंका जताई जा रही है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस की ओर से किसी प्राथमिकी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक है कि पुलिस मोबाइल फोन की विधिवत फोरेंसिक जांच, चैट रिकॉर्ड की पड़ताल तथा स्कूल के यू-डाइस पंजीकरण एवं अन्य वैधानिक दस्तावेजों की भी जांच करे। यदि जांच में कोई आपराधिक तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।





