
रिपोर्टर= भव्य जैन
झाबुआ: केशव विद्यापीठ में आज 2 जुलाई को शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का 19वा स्थापना दिवस ‘‘भारतीय शिक्षा दिवस’’ के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शिक्षिका सुनिता तनपुरे ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारयुक्त शिक्षा तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की स्थापना दिनानाथ जी बत्रा द्वारा 2007 में की गयी थी जो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक तथा विद्या भारती के पूर्व निदेशक हैं।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अपने स्थापना वर्ष से ही भारतीय शिक्षा को भारतीय जीवन मूल्यों, संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। तत्पश्चात् कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए तनपुरे द्वारा लॉर्ड मैकाले की शिक्षा निति के बारे में बताया कि मैकाले की शिक्षा नीति का लक्ष्य ऐसे भारतीय तैयार करना था जो रंग और रूप से भारतीय, लेकिन विचारों और नैतिकता में अंग्रेज हो तथा संस्कृत, अरबी और फारसी जैसी पारंपरिक भारतीय भाषाओं की उपेक्षा करते हुए अंग्रेजी को शिक्षा और प्रशासन की भाषा बना दिया तथा जिसका उद्देश्य भारत में अंग्रेजी भाषा के माध्यम को बढावा देने व मानसिक दासता की एक सुनियोजित रणनीति थी तथा पश्चिमी शिक्षा को जबरन थोपना था।
शिक्षक सुभम राव द्वारा पंचकोष अवधारणा के बारे में बताया गया कि पंचकोष भारतीय योग एवं वेदांत दर्शन की महत्वपूर्ण अवधारण है। हमारा शरीर पंचकोषों – प्राणमय कोष, अन्नमय कोष, मनोमय कोष, आनन्दमय कोष एवं विज्ञानमय कोष से बना होता है जो व्यक्ति के शरीर को संचालित करते है। श्री राव द्वारा पंचकोष अवधारणा पर बहुत ही सरल और प्रभावी तरीके से प्रकाश डाला गया। तत्पश्चात् विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत, प्रेरक भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के संचालक श्री ओमप्रकाश शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही जो कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सह संयोजक है। उन्होनें अपने उद्बोधन में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के द्वारा चलाए जा रहे कार्यो पर विस्तृत प्रकाश डाला गया तथा उपस्थित सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहकर अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सुभव राव द्वारा उपस्थित विद्यार्थियों को संकल्प दिलवाया कि वे अपने अपनी स्कूल युनिफाॅम स्वयं पहनेंगे व स्वयं व्यवस्थित रखेंगे।
इस अवसर पर संस्था प्राचार्य श्रीमती वन्दना नायर के साथ समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।












