

सिवनी जिले के लखनादौन थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग और चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग बच्चों को धमकाकर लाखों रुपये के जेवर हड़पने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 12 लाख रुपये कीमत के दो सोने के हार बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में लखनादौन पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
जानकारी के अनुसार समनापुर निवासी मननारायण भारद्वाज ने 29 मई 2026 को थाना लखनादौन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर की आलमारी में रखे दो सोने के हार गायब हैं। जब परिवार के बच्चों से पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।
बताया गया कि पड़ोस में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने आया कृष्णा पटेल नामक युवक करीब एक सप्ताह पहले दो नाबालिग बच्चों को बहला-फुसलाकर सिगरेट पिलाने ले गया था। आरोपी ने इस दौरान बच्चों का वीडियो बना लिया। बाद में उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने और परिवार वालों को दिखाकर बदनाम करने की धमकी देना शुरू कर दिया।
इतना ही नहीं, आरोपी ने बच्चों को डराने के लिए एक बच्चे का पैर मोटरसाइकिल के साइलेंसर से जला दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी की धमकियों से भयभीत बच्चों ने घर की लोहे की पेटी का ताला खोलकर उसमें रखे दो सोने के हार निकालकर उसे दे दिए।
शिकायत मिलने पर लखनादौन पुलिस ने अपराध क्रमांक 224/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने कृष्णा पिता कमलेश पटेल (19 वर्ष), निवासी मोहद, थाना करेली, जिला नरसिंहपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने चोरी किए गए सोने के हार नरसिंहपुर में छिपाकर रखे हैं।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लगभग 12 लाख रुपये कीमत के दो सोने के हार बरामद कर लिए। साथ ही आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया, जिसमें नाबालिग बच्चों के वीडियो पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे उपजेल लखनादौन भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक के.पी. धुर्वे, उपनिरीक्षक महेश कुमार उइके, प्रधान आरक्षक फकीरचंद उइके एवं आरक्षक अनील सोनकुवर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस का कहना है कि बच्चों को डराकर, धमकाकर या ब्लैकमेल कर किसी भी प्रकार की अवैध मांग करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में तत्काल पुलिस को सूचना देकर कानूनी सहायता ली जानी चाहिए।










