
सिवनी जिले की धूमा पुलिस ने गौवंश तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गौहत्या के प्रयास को विफल कर दिया। पुलिस ने 6 गौवंशों को मुक्त कराकर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक सिवनी कृष्ण लालचंदानी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी अपूर्व भलावी के मार्गदर्शन में जिलेभर में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 30 मई 2026 को धूमा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्ति बंजारी घाट और नागनदेवरी क्षेत्र की ओर से गौवंशों को बिना चारा-पानी के दौड़ाते, खदेड़ते और मारते-पीटते हुए नागपुर स्थित कत्लखाने की ओर ले जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही थाना धूमा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम गठित कर बताए गए क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाते हुए तीनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम विक्की पिता संतोष झारिया निवासी पिंडरई, थाना नैनपुर जिला मंडला, दीपक पिता मुथुराप्रसाद झारिया निवासी शांति कॉलोनी धनौरा जिला सिवनी तथा राम सिंह पिता सुदाम ठाकुर निवासी बेलखेड़ी कला थाना रहली जिला सागर बताए।
तलाशी एवं पूछताछ के दौरान आरोपियों के कब्जे से 6 नग गौवंश बरामद किए गए। आरोपियों से जब मवेशियों के परिवहन एवं स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इन मवेशियों को नागपुर के कत्लखाने में बेचने के उद्देश्य से ले जा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 4, 6 एवं 9 मध्यप्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, धारा 6(ग), 7 एवं 10 मध्यप्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम तथा धारा 11(1)(घ) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना जारी है और आरोपियों से पूछताछ कर इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
मुक्त कराए गए सभी 6 गौवंशों को सुरक्षित संरक्षण के लिए गोपाल कृष्ण गौशाला भेजा गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक डोमन सिंह मरावी, सहायक उपनिरीक्षक रविन्द्र प्रताप सिंह, आरक्षक अरुण पटेल, शिवम बघेल, रवि यादव तथा डायल-112 टीम की सराहनीय भूमिका रही।
सिवनी पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में गौवंश तस्करी एवं पशु क्रूरता के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि गौवंश से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल डायल-112 अथवा नजदीकी पुलिस थाना को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा उपयोगी सूचना देने पर 5 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा।










