
चौपारण (हजारीबाग): प्रखंड के पड़रिया स्थित बारेताम जंगल में वन भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की इस औचक कार्रवाई से जंगल की जमीन पर नजर गड़ाए भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के बीच हड़कंप मच गया है। मौके से अवैध कब्जे में इस्तेमाल की जा रही भारी मात्रा में सामग्री भी जब्त की गई है।स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ समय से कुछ रसूखदार और असामाजिक तत्वों द्वारा बारेताम जंगल के छोटे पेड़-पौधों और झाड़ियों को बेरहमी से साफ किया जा रहा था। अतिक्रमणकारी धीरे-धीरे जंगल के एक बड़े हिस्से को मैदान में तब्दील कर उसे निजी संपत्ति बनाने की फिराक में थे। इस अवैध कटाई से न सिर्फ प्राकृतिक वन संपदा नष्ट हो रही थी, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा था।मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ मौन प्रकाश के सख्त निर्देश पर वन विभाग की एक विशेष टीम गठित कर मौके पर भेजी गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए काटी गई लकड़ियों, झाड़ियों और घेराबंदी के लिए इस्तेमाल हो रहे सामानों को अपने कब्जे में ले लिया। जब्त की गई सभी सामग्रियों को विभागीय परिसर में सुरक्षित रखवाया गया है।इस संबंध में वनपाल अमन कुमार ने कड़े शब्दों में कहा कि वन अधिनियम के तहत सरकारी जंगल की जमीन पर कब्जा करना और पेड़ों को काटना एक गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। उन्होंने बताया कि इस कृत्य में शामिल मुख्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। इन सभी के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।वहीं, डीएफओ मौन प्रकाश ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि पर्यावरण और सरकारी जमीन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे वन सुरक्षा में अपनी भागीदारी निभाएं और जंगल में किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या कटाई दिखने पर तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दें।












