
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर जारी अनिश्चित कालीन हड़ताल का 37 दिन पूरा हो गया। मालवीय मैदान में अपनी हड़ताल के समर्थन में 37 दिन धरना दे रही आशा कर्मी आज भी डटी रही ।

आंदोलन के समर्थन में कई सामाजिक संगठनों ने धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया।
धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जौली वैश्य ने कहा कि इतने दिन से आंदोलन जारी है पर सरकार सिर्फ आंदोलन को तोड़ने की साजिश के अलावा कुछ नहीं कर रही है। उसे अब तक भी समझ नहीं आया कि बिना समस्याओं का समाधान किए आंदोलन खत्म नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि हम अपने लोकतंत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। बापू के बताए रास्ते पर हम बहुत संवेदनहीन सरकार से जूझते हुए हमने 37 दिन बिताए हैं किंतु अब इस आंदोलन को निर्णय की ओर ले जाने का समय आ गया है।
जौली वैश्य ने कहा कि 21 जनवरी को अम्बेडकर की प्रतिमा तक मार्च निकालकर बहरी हो गई सरकार को संविधान की प्रस्तावना की याद दिलाएंगे कि सरकारें जनता के द्वारा जनता के लिए बनती हैं , आज जनता के बजाय भ्रष्ट्राचारियों, धन कुबेरों के हित साधन हमारे संविधान के विरुद्ध है।
उन्होंने सभी का आह्वान किया कि कल बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा पर पहुंचने के लिए समय से बड़ी संख्या में आशा कर्मी और सामाजिक कार्यकर्ता सहित सभी प्रबुद्ध जन पहुंचें।
आज कार्यक्रम को नीलम सक्सेना, तुलसा , वंदना , उषा देवी , हंसमुखी , शारदा देवी , सितारनी , सुधा , प्रतिभा , पिंकी , धीरज देवी ने भी संबोधित किया।









