मायापुर-2 के पंचायत सरपंच सोमार साय तो किये ही साथ में पंचायत सचिव कवालभान सिंह द्वारा भी पंचायत का रकम गमन करने से नही चुके
पंचायत सचिव से कोई पूछने और लेखा जोखा देखने वाला कोई नही रहेता है क्या क्योंकि इस लिए लिख रहा हूँ ऐसा कि सरपंच सोमार साय तो अपने पढ़ने लिखने वाले अपने छोटे भाई के खाता में पंचायत भवन में स्टेशनरी क्रय के नाम से 53,000/- (तिरपन हजार) रकम डलवा कर हज्म तो कर ही लिया है साथ में पंचायत सचिव कवालभान सिंह अपने छोटे भाई चंद्रभान सिंह के खाता में पंचायत भवन में स्टेशनरी क्रय के नाम से 37,000/- (सैंतीस हजार) डलवा लिया और ये भी हज्म कर लिया। जमझ में नही आ रहा जो भाई आज तक किसी दुकान में काम नही किया आज उसके नाम से रकम डाल कर पंचायत का पैसा को कैसे अपने निजी स्वार्थ के लिए ऐसा कर सकते है। सरपंच और सचिव के भाई ही स्टेशनरी दुकान चला रहे है जो ये दोनों अपने भाई के ही खाता में शिर्फ रकम डलवा लेते है। क्या इनके ऊपर कोई अधिकारी नही है जो ये सब कर रहे है उसका जांच कर सके या देख सके कि सरपंच और सचिव क्या कर रहे है या किसी से बोल कर दबाव डलवा रहे है। उनके ऊपर जिससे ओ ये सब देखने के बाद में कुछ नही कर रहे हैं।
शेष और भी है जो आगे बताया जायेगा कि कैसे ये अपने निजी सवार्थ के लिए पंचायत का रकम को हज्म किये हैं।











